कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए प्लाजमा थैरेपी से ज्यादा बेहतर हो सकता है ब्लड ट्रांसफ्यूजन

कोरोना के गंभीर मरीजों के लिए प्लाजमा थैरेपी से ज्यादा बेहतर हो सकता है ब्लड ट्रांसफ्यूजन

 भोपाल ।  कोरोना के गंभीर मरीजों के उपचार के लिए दी जाने वाली प्लाज्मा थैरेपी से बेहतर और कारगर सम्पूर्ण ब्लड ट्रांसफ्यूजन थैरेपी हो सकती है। ब्लड ट्रांसफ्यूजन से सकारात्मक परिणाम भी सामने आ सकते हैं। यह मांग आईएमए स्टेंडिंग कमेटी फॉर एथिक्स के चैयरमेन डॉ. राजेन्द्र ऐरन ने की है। उनका कहना है कि प्लाज्मा थैरेपी के मुकाबले सम्पूर्ण ब्लड ट्रांसफ्यूजन बहुत कम खर्च में, लगभग हर जिले और तहसील क्षेत्र में इसका लाभ होगा। डॉ. राजेन्द्र एरन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री को कोविड 19 से उपचार हेतु उपरोक्त महत्वपूर्ण सुझाव पत्र भेजकर आईसीएमआर से प्लाज्मा थेरेपी के स्थान पर सम्पूर्ण ब्लड ट्रांसफ्यूसन को मान्यता देने की मांग की है और सकारात्मक नतीजे की उम्मीद जताई है। 

छोटे गांवों में ब्लड ट्रांसफ्यूजन को मान्यता देने की आईसीएमआर से मांग: 

डॉ. एरन ने बताया की इस प्रक्रिया में ब्लड ट्रांसफ्यूजन और प्लाज्मा थेरेपी के पूर्व किसी भी तरह के संक्रमण से बचाव के लिए किये जाने वाले परीक्षण समान होते हैं। देश व प्रदेश के कस्बाई और ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लड सेपरेशन की सुविधा नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्रों में प्लाज्मा थेरेपी द्वारा कोविड का इलाज संम्भव नही है लेकिन प्लाज्मा के बजाय संपूर्ण ब्लड चढ़ाकर इसका फायदा कस्बों और गांवों तक पहुंचाया जा सकता है। छोटे स्थानों पर प्लाज्मा थेरेपी के बजाए रक्तदान की सुविधा आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। इसकी वजह से देश भर के छोटे क्षेत्रों में उपचार संभव होगा और स्वस्थ होने वाले मरीजों की संख्या में इजाफा होगा और मृत्यु दर कम होगी।


इबोला वायरस के संक्रमण के दौरान डब्ल्यूएचओ ने दी थी सलाह : 

वहीं, केन्द्र सरकार को दिए गए सुझाव में डॉ. एरन ने इस बात का भी जिक्र किया है कि साल 2014 में इबोला वायरस के संक्रमण के दौरान सम्पूर्ण रक्त या प्लाज्मा ट्रांसफ्यूजन की सलाह डब्ल्यूएचओ ने हेल्थ मिनिस्ट्री को दी थी। इसका मकसद ये था कि गंभीर संक्रमित मरीजों को सीधे एंटीबॉडीज देने से रोगी उस खास बीमारी से ठीक हो जाता है और अब ऐसे हालातों में प्लाज्मा को रक्त को अलग करने के बजाय सम्पूर्ण ब्लड ट्रांसफ्यूजन से भी मरीज की जान बचाई जा सकती है।