28 साल पहले हुई थी बाइपास सर्जरी फिर भी नहीं छोड़ा सेक्सोफोन बजाना

28 साल पहले हुई थी बाइपास सर्जरी फिर भी नहीं छोड़ा सेक्सोफोन बजाना

कनक म्यूजिकल ग्रुप की ओर से रविवार को सेक्सोफोन म्यूजिकल इवेंट का आयोजन किया गया। इस दौरान कई बॉलीवुड गानों की प्रस्तुति दी गई। इवेंट में एक साथ पांच सेक्सोफोन वादन सबसे खास रहा। प्रस्तुति की शुरुआत लता जी को श्रद्धांजलि देते हुए गाना राम तेरी गंगा मैली हो गई..., की प्रस्तुति दी गई। इसके बाद सुनो सजना पपीहे ने..., गाना सुनाया। प्रेम कनक ने मस्त वहारों का में आशिक..., गुलाबी आंखें जो तेरी देखी..., गाने से उपस्थित श्रोताओं का मन मोह लिया। सेक्सोफोन पर जब कोई बात बिगड़ जाए... गाने की धुन सुनाई। पूर्वी सुहास ने बेदर्दी बालमा तुझको मेरा मन..., अजी रूठकर अब कहां जाइएगा..., गाने से सभी का दिल जीत दिया। इसी क्रम में जब दीप जले आना... गीत सुनाया।

सेक्सोफोन के कारण कोविड में मिला फायदा

डॉ. राजेश कानूनगो ने बताया कि सेक्सोफोन बचपन से सबसे अच्छा म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट लगता था, लेकिन उस समय कई कारणों से बजाना सीख नहीं पाया। वहीं प्रेम कनक के संपर्क में आने के बाद सेक्सोफोन बजाना शुरू किया। अब रोजाना एक घंटे रियाज करता हूं, इससे फेफड़े को भी फायदा होता है। उन्होंने बताया कि सेक्सोफोन बजाने के कारण ही कोरोना के समय कोविड से लड़ने में ताकत मिली और अब हर दिन इसे बजाता हूं।

50 साल से बजा रहा हूं सेक्सोफोन

70 वर्षीय प्रेम कनक ने बताया कि 50 साल से सेक्सोफोन बजा रहा हूं, कई फिल्मों के लिए भी सेक्सोफोन से म्यूजिक दे चुका हूं। उन्होंने बताया हर उम्र के लोग सेक्सोफोन बजा सीख रहे हैं। इसमें डॉक्टर, इंजीनियर और अलग-अलग फील्ड के लोग शामिल है।1994 में मेरी बायपास सर्जरी हो चुकी है लेकिन उसके बाद भी सेक्सोफोन बजाना नहीं छोड़ हालांकि डॉक्टर ने ऐसा करने से मना किया था। मैंने थोड़े दिन ब्रेक लिया लेकिन मुझे लगा कि मुझे अपने शौक को इस तरह नहीं छोड़ना चाहिए। इसे बजाने में काफी ताकत लगती है। अभी तक लगभग 100 से अधिक लोगों को सेक्सोफोन बजाना सीखा चुका हूं।

मैं रोजाना एक घंटे प्रैक्टिस करता हूं..

वैभव मालवीय ने बताया कि मैं दो इंस्ट्रूमेंट बजा लेता हूं, जिसमें गिटार और सेक्सोफोन है। उन्होंने बताया सेक्सोफोन का शौक बचपन से ही है, लेकिन मुझे कई गुरू नहीं मिला था, लेकिन अब प्रेम कनक सर से सेक्सोफोन बजाना सीख रहा हूं। रोज एक घंटे प्रैक्टिस करता हूं, जिससे सेक्सोफोन को बेहतर रूप से बजा सकूं। आज मुझे मंच से इस वाद्ययंत्र के साथ प्रस्तुति देने का मौका मिला और मैं इसे लेकर काफी खुश हूं।