धूप में नहीं निकल सकती, हमेशा स्पेस सूट पहने रहती है यह महिला

धूप में नहीं निकल सकती, हमेशा स्पेस सूट पहने  रहती है यह महिला

वाशिंगटन। मोरक्को में रहने वाले लोग एक महिला को एलियन बुलाते हैं। ये महिला चौबीस घंटे स्पेससूट पहनकर रहती है। इस कारण लोग इसे एलियन बुलाते हैं। 28 साल की इस महिला को दो साल की उम्र से ही अजीब बीमारी है। इस बीमारी के कारण ये धूप में नहीं निकलती। धूप में जाते ही इसकी स्किन जलने लगती है। धूप में मौजूद अल्ट्रा वायलेट रेज की वजह से उसकी स्किन में जलन होती है। इस कारण बीते बीस साल से ये घर से बाहर नहीं निकली है। साथ ही घर के अंदर भी ये स्पेससूट पहन कर रहती है। उसके लुक को देखकर आसपास के लोग उसे एलियन बुलाते हैं। धूप में झुलस जाती है स्किन चेहरे पर आ जाती हैं झाइयां मोरक्को के मोहम्मदिया की 28 साल की फातिमा गजाउई को दो साल की उम्र में जेरोडर्मा पिगमेंटोसम नाम की स्किन डिजीज हो गई थी। इस कारण वो अपनी त्वचा की सुरक्षा के लिए एक 'स्पेस हेलमेट' पहनती है। फातिमा 20 साल से बिना दस्ताने और हेलमेट के दिन के उजाले में नहीं निकली है। निकलती है तब मास्क पहनती है जिसे वह प्यार से 'नासा मास्क' कहती है। इस स्किन डिजीज के कारण फातिमा आसानी से धूप में जल जाती है। यहां तक कि बादल वाले दिन पर भी वो बाहर नहीं निकल पाती। धूप में जाने से उनके चेहरे पर झाईयां आ जाती हैं जबकि शुष्क त्वचा और त्वचा की उम्र बढ़ने के लक्षण दिखाई देने लगते हैं। लोगों को कर रही हैं अवेयर इस बीमारी के कारण स्किन यूवी रेज से हुए डैमेज को रिपेयर नहीं कर पाती। इस कारण फातिमा को स्पेस मास्क लगाना पड़ता है। फातिमा के परिवार ने हमेशा उनका समर्थन किया है और उन्हें अपनी बेटी पर नाज है। अब, फातिमा लोगों को जेरोडर्मा पिगमेंटोसम के बारे में जागरूक कर रही हैं। फातिमा एसोसिएशन ऑफ सॉलिडैरिटी ऑफ द चिल्ड्रन ऑफ द मून के अंतर्गत लोगों को अवेयर कर रही है।

दिन में सोती हैं और रात को ही निपटाती हैं अपने सारे काम

फातिमा ने बताया कि उनकी सुबह तो सूरज ढलने के बाद ही होती है। वे अक्सर दिन में सोती हैं और सिर्फ रात को ही बाहर निकलती हैं। बाहर निकलने के लिए उन्हें मास्क और दस्तानों की जरुरत होती है। उनका मास्क स्पेस सूट जैसा लगता है। फातिमा ने बताया कि बादलों भरे दिन में भी उन्हें सूरज की रोशनी से उतना ही खतरा रहता है जितना कि सामान्य धूप वाले किसी दिन में। उन्होंने बताया कि वे सिर्फ 13 साल की उम्र तक ही स्कूल जा पायीं और उसके बाद बाकी पढ़ाई उन्होंने घर से ही की है। पहले उन्हें परेशानी होती थी लेकिन अब वह इस की आदी हो गई हैं।