अयोग्यता के नाम पर डरा नहीं सकते : शिंदे सदन मे तय होगा किसके पास बहुमत: पवार

अयोग्यता के नाम पर डरा नहीं सकते : शिंदे सदन मे तय होगा किसके पास बहुमत: पवार

मुंबई/ गुवाहाटी। शिवसेना के बागी विधायक एकनाथ शिंदे ने गुरुवार को गुवाहाटी से 49 विधायकों के साथ फोटो रिलीज किया। इसके साथ ही उन्होंने उद्धव की सरकार गिराने की अपनी मंशा साफ कर दी। 37 से ज्यादा विधायकों का समर्थन मिलने के बाद वे दलबदल कानून को भी चुनौती देने को तैयार दिखे। गुवाहाटी में मौजूद बागी विधायकों ने एकनाथ शिंदे को अपना नेता चुना। शिंदे ने देर रात 37 शिवसेना विधायकों के हस्ताक्षर का पत्र महाराष्ट्र विस के डिप्टी स्पीकर को भेजा है। शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने कहा कि हमने डिप्टी स्पीकर के समक्ष याचिका दायर की है और मांग की है कि 12 विधायकों की सदस्यता रद्द कर दी जानी चाहिए। इसके जवाब में एकनाथ शिंदे ने ट्वीट किया कि आप अयोग्यता के लिए 12 विधायकों के नाम बताकर हमें डरा नहीं सकते, क्योंकि हम शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे के अनुयायी हैं। वहीं, उद्धव के करीबी रवींद्र फाटक भी बागी हो गए हैं। फाटक को उद्धव ठाकरे ने दूत बनाकर सूरत भेजा था।

एक राष्ट्रीय दल साथ

एकनाथ शिंदे ने कहा कि एक राष्ट्रीय दल ने उनकी बगावत को ऐतिहासिक करार देने के साथ ही हरसंभव मदद का आश्वासन दिया है। एक राष्ट्रीय दल है, एक महाशक्ति...आप जानते हैं कि उन्होंने पाकिस्तान को मात दी। उस दल का कहना है कि हमने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

विधायकों को सदन में प्रस्तुत होना होगा

पूरे घटनाक्रम के बीच एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा है कि एकनाथ शिंदे और सभी बागी विधायकों को मुंबई में सदन में प्रस्तुत होना होगा। महाराष्ट्र सरकार अल्पमत में है या नहीं विधानसभा में स्थापित होना है। जब प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा तो यह साबित हो जाएगा कि यह सरकार बहुमत में है। उन्होंने यह भी कहा कि जिन विधायकों ने विद्रोह किया है उन्हें इसकी कीमत चुकानी होगी। पवार ने कहा कि एमवीए ने सीएम उद्धव ठाकरे को समर्थन देने का फैसला किया है। मेरा मानना है कि एक बार (शिवसेना) विधायक मुंबई लौट आएंगे, तो स्थिति बदल जाएगी। हम इस संकट को हरा देंगे और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में सरकार सुचारू रूप से चलेगी।