रिसर्च पेपर पब्लिश करने में चीन टॉप पर

रिसर्च पेपर पब्लिश करने में चीन टॉप पर

टोक्यो। चीन ने रिसर्च प्रकाशित करने और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। जापान के नेशनल इंस्टीट्यूट आफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी पॉलिसी (एनआईएसटीपी) द्वारा प्रकाशित अपनी में रिपोर्ट बताया गया है कि चीन अब एक साल में सबसे ज्यादा रिसर्च पेपर प्रकाशित करता है। इसके बाद रिसर्च पेपर प्रकाशित करने में अमेरिका और जर्मनी का स्थान आता है। मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट में एनॉलिटिक्स फर्म क्लेरिवेट द्वारा साल 2018 और साल 2022 के बीच आंकड़ों को इकट्ठा कर तैयार किया गया है। जापान के एनआईएसटीपी रिपोर्ट में पाया गया है कि विश्व में प्रकाशित होने वाले रिसर्च पेपर में अकेले चीन 27.2 प्रतिशत रिसर्च को प्रकाशित करता है। रिपोर्ट के मुताबिक, विश्व में प्रकाशित होने वाले रिसर्च पेपर में अमेरिका ने 24.9 प्रतिशत रिसर्च प्रकाशित किया। मंत्रालय द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, इस शोध में इंग्लैंड 5.5 प्रतिशत के साथ तीसरे स्थान पर था। रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने एक साल में लगभग 407,181 रिसर्च पेपर प्रकाशित किए, जबकि अमेरिका ने इसी दौरान 293,434 शोध पत्र प्रकाशित किया। चीन के द्वारा प्रकाशित रिसर्च विश्व में प्रकाशित रिसर्च का 23.4 प्रतिशत है।

चीन ने विज्ञान पर तो अमेरिका ने मेडिकल पर सबसे अधिक रिसर्च छापे

चीन ने इंजीनियरिंग, गणित, सामग्री विज्ञान में सबसे ज्यादा रिसर्च प्रकाशित किया है, जबकि अमेरिकी शोधकर्ता क्लिनिकल मेडिसिन ,बुनियादी जीवन विज्ञान और फिजिक्स में सबसे ज्यादा रिसर्च किए हैं। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चिप्स व साइंस एक्ट पर हस्ताक्षर किए थे। इस कानून के माध्यम से अमेरिकी वैज्ञानिकों को चीन के साथ मुकाबला करने 10 वर्षों में 200 अरब डॉलर प्रदान किया जाएगा।