जन्म से दृष्टिबाधितों को रोशनी देने दिमाग में लगेगी चिप

जन्म से दृष्टिबाधितों को रोशनी देने दिमाग में लगेगी चिप

न्यूयॉर्क। टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क ने दावा किया है कि उनकी कंपनी न्यूरालिंक अगले 6 महीनों में इंसानी दिमाग में चिप लगा देगी। न्यूरालिंक ने 2021 में दावा किया था कि उसने एक बंदर में ब्रेन चिप इंप्लांट की है। मस्क ने कहा कि अधिकांश कागजी कार्य यूएस फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एफडीए) को सौंप दिया गया है। लगभग 6 महीनों में मानव में पहला न्यूरालिंक स्थापित करने में सफलता मिल सकती है।

दिमाग की क्षमता बढ़ाना उद्देश्य:अब कंपनी का मकसद है कि चिप को इंसानों के दिमाग में डालकर उसकी क्षमता को बढ़ाया जा सके और इंसानी दिमाग को कंप्यूटर से भी जोड़ा जा सकेगा।

मस्क के प्रोजेक्ट पर सबकी नजरें: प्रोजेक्ट पर दुनियाभर के लोगों की नजर है। यदि किसी इंसान को ट्रायल के दौरान क्षति पहुंचती है तो मस्क व उसकी कंपनी को बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है।

बंदर ने खेला था वीडियो गेम: बंदर के वीडियोगेम खेलने का वीडियो शेयर कर कंपनी का ऐसा दावा है कि वीडियो शूट करने से 6 सप्ताह पहले ही उस बंद के दिमाग में चिप लगाई गई थी।

पैरालिसिस से पीड़ित भी हो सकेंगे ठीक

मस्क ने कहा कि कंपनी का प्रारंभिक लक्ष्य दृष्टि और पैरालिसिस को ठीक करना है। जन्म से ही अंधे लोगों की आंखों में न्यूरालिंक की सहायता से रोशनी लाई जा सकती है। रीढ़ की हड्डी टूटने से पूरी तरह अपंग गए लोगों को फिर हृष्ट-पुष्ट बनाने में भी न्यूरालिंक की तकनीक मददगार साबित होगी। उन्होंने कहा, मनुष्य के लिए आज आर्टिफिशिएल इंटेलीजेंस का मुकाबला करना बहुत जरूरी हो गया है और इसके जोखिमों को कम करने के लिए हमें कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि लैपटॉप और फोन के साथ इंटरेक्ट करने की मनुष्य की क्षमता काफी सीमित है।