ऑटम किंग, स्नोबॉल और सोनार बंगला आदि किस्मों के गुलदाउदी लोगों को कर रहे आकर्षित

ऑटम किंग, स्नोबॉल और सोनार बंगला आदि किस्मों के गुलदाउदी लोगों को कर रहे आकर्षित

 सर्दी का मौसम आ गया है, ऐसे में हल्की ठंड के बीच गुलाब उद्यान में शनिवार को काफी तादात में शहरवासी गुलदाउदी देखने पहुंचे। प्रदर्शनी में लगभग 1000 एंट्रीज इस बार आईं, जो कि पिछले साल के मुकाबले ज्यादा रहीं। इस बार लगभग 50 तरह की वैराइटी देखने को मिली रही हैं। कई नए प्रतिभागी भी प्रतियोगिता में शामिल हुए है। जिन कैटेगरीज में गुलदाउदी आईं, वे एनिमोन, पॉमपॉम, इंटरमीडिएट, रिफलेक्स्ड, इंकर्ड, स्पाइडर और स्पून रहीं। नई वैराइटी में आॅटम किंग खास रहा। छोटी और बड़ी दोनों तरह की गुलदाउदी यहां लार्इं गर्इं। एग्जीबिशन के अंतिम दिन विजेतओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

ऐसे करें गुलदाउदी की देखभाल

रोज सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष एसएस गदरे के अनुसार गुलदाउदी को खास देख रेख चाहिए। इसके बड़े फूल अगस्त में और छोटे जून में आते हैं। इसके पौधे को डेढ़ इंच से ज्यादा मिट्टी में नहीं दबाना चाहिए। गमले में दिए पानी निकासी के छेद पर शेप का मिट्टी या अन्य टुकड़ा रखें। मिट्टी बनाने के लिए 30 प्रतिशत गोबर की खाद और 60 प्रतिशत काली मिट्टी और 10 प्रतिशत रेत का इस्तेमाल किया जाता है। हर सप्ताह गुड़ाई करें ताकि फूल बड़े आएं। 15 दिन में कराटे नामक कीटनाशक का स्प्रे जरूर करें।

यह किस्में हुर्इं प्रदर्शित

सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष एसएस गद्रे ने बताया कि रंग-बिरंगी गुलदाउदी की बड़े फूलों की किस्म में इंकर्वड, रिμलेकस्ड, इंटरमीडिएट, स्पाइडर और स्पून शामिल है। छोटी गुलदाउदी में पोमपोन, कॉरियंस, एनिमून और बटन की किस्म देखी जा रही। पिछले साल की तरह इस साल भी कुछ सॉइललेस गमले प्रदर्शित किए गए है, जिनमें हुई μलॉवरिंग दर्शकों को काफी पसंद आ रही है। गुलदाउदी में आॅटम किंग, आॅटम आइस, डार्क आइस, आॅब्सेशन, नाइटएंगल, ऐमेटिस, रीटा-वीटा, डायमंड जुबली, स्नोबॉल, सोनार बंगला, अल्फ्रेड सिंमसन, किकू बिहावरी, कोका गाउन, हनी यैलो नाइट आदि वैराइटी देखने को मिल रही है।