ब्रिटेन में मंकीपॉक्स वायरस का ‘कम्यूनिटी स्प्रेड’ शुरू

ब्रिटेन में मंकीपॉक्स वायरस का ‘कम्यूनिटी स्प्रेड’ शुरू

लंदन। कोरोना के बाद दुनिया एक नई तरह की बीमारी की चेपट में है। इस बीमारी का नाम है मंकीपॉक्स वायरस जिसका अब कम्यूनिटी ट्रांसमिशन हो रहा है। ब्रिटेन में हेल्थ एजेंसी के मुताबिक देश में मंकीपॉक्स वायरस फैलना शुरू हो गया है। यूकेएचएसए के मुख्य चिकित्सा सलाहकार सुसान हॉपकिंस ने कहा- हम ऐसे मामलों का पता लगा रहे हैं जिनका पश्चिम अफ्रीका के किसी व्यक्ति के साथ कोई संपर्क नहीं रहा है फिर भी वो इस बीमारी की चपेट में आ रहे हैं। इस बीमारी से जूझ रहे लोगों के रोज के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। ग्रामीण इलाकों की अपेक्षा शहरी इलाकों में ये बीमारी तेजी से फैल रही है। इस बीमारी के प्रति लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। अधिकांश वयस्कों में इस बीमारी के लक्षण हल्के हो सकते हैं इसे अनदेखा ना करें और तुरंत इसकी सूचना स्वास्थ्य केंद्र को दें।

डब्ल्यूएचओ ने की 12 देशों में 92 मंकीपॉक्स मामलों की पुष्टि

जिनेवा। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने रविवार को कहा कि 12 देशों में मंकीपॉक्स के 92 केस और 28 संदिग्ध मामले सामने आए हैं। डब्ल्यूएचओ ने कहा, 21 मई रात तक 92 मामलों की प्रयोगशाला जांच में पुष्टी हो गई है और 28 संदिग्ध मामलों की जांच जारी है। डब्ल्यूएचओ को यह मामले 12 सदस्य देशों से रिपोर्ट किए गए हैं। अभी तक इस वायरस से किसी की मौत की सूचना नहीं मिली है।

कैसे फैलता है

मंकीपॉक्स एक वायरल बीमारी है, जो जंगली जानवरों से फैलती है, लेकिन शारीरिक तरल पदार्थ, श्वसन बूंदों और अन्य दूषित पदार्थों के माध्यम से एक इंसान से दूसरे में भी फैल सकती है। किसी संक्रमित व्यक्ति का बिस्तर या उसके द्वारा इस्तेमाल किए गए तौलिए के दोबारा इस्तेमाल से भी फैलती है।

क्या हैं लक्षण

इस बीमारी के लक्षणों में बुखार, मांसपेशियों में दर्द, ठंड लगना, थकावट और हाथों और चेहरे पर चेचक जैसे दाने शामिल हैं। इस बीमारी का कोई अलग उपचार नहीं है लेकिन चेचक के खिलाफ टीकाकरण मंकीपॉक्स को रोकने में लगभग 85 प्रतिशत प्रभावी पाया गया है।

अब इजराइल में भी पहला मामला सामने आया

तेल अवीव। इजराइली प्राधिकारियों ने कहा है कि विदेश से लौटे एक व्यक्ति के मंकीपॉक्स से संक्रमित होने की बात सामने आई है और वे अन्य संदिग्ध मरीजों की तलाश में जुट गए हैं। इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि तेल अवीव के अस्पताल में भर्ती मरीज की हालत ठीक है। मंत्रालय ने विदेश से लौटने वाले लोगों से बुखार होने और दाने निकलने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क की अपील की है। जन स्वास्थ्य सेवाओं की प्रमुख शैरोन एलरो-प्रीस ने रविवार को बताया कि चिकित्सा दल अन्य संदिग्ध मरीजों की पहचान करने की कवायद में जुटे हैं।

संक्रमण फैला तो परिणाम भुगतने होंगे : बाइडेन

प्योंगतेक (दक्षिण कोरिया)। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हाल में सामने आए मंकीपॉक्स को लेकर चिंतित होने की आवश्यकता है। इस बीमारी पर पहली बार सार्वजनिक रूप से टिप्पणी करते हुए बाइडेन ने कहा, चिंता की बात यह है कि अगर यह संक्रमण फैला तो इसके परिणाम भुगतने होंगे। बाइडेन दक्षिण कोरिया के ओसान हवाई अड्डे पर सवाल का जवाब दे रहे थे। राष्ट्रपति के रूप में एशिया की अपनी पहली यात्रा के क्रम में बाइडन ने जापान रवाना होने से पहले सैनिकों से मुलाकात की।