कांग्रेस अध्यक्ष :खड़गे और थरूर के बीच होगा मुकाबला

कांग्रेस अध्यक्ष :खड़गे और थरूर के बीच होगा मुकाबला

नई दिल्ली । कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए झारखंड के पूर्व मंत्री के. एन. त्रिपाठी के नामांकन पत्र को शनिवार को खारिज कर दिया गया, जिससे अब पार्टी के नेताओं मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच सीधा मुकाबला होगा। तीनों नेताओं ने शुक्रवार को नामांकन पत्र भरा था, जो इस प्रक्रिया के लिए अंतिम दिन था। नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि आठ अक्टूबर है और उम्मीदवारों की अंतिम सूची उसी दिन शाम पांच बजे जारी की जाएगी। कांग्रेस के केंद्रीय चुनाव प्राधिकरण के प्रमुख मधुसूदन मिस्त्री ने यहां कांग्रेस मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान कुल 20 फॉर्म मिले थे तथा उनमें से चार को खारिज कर दिया गया है, क्योंकि हस्ताक्षर में दोहराव था या इसका मिलान नहीं हो रहा था। खड़गे ने 14 फॉर्म भरे थे, जबकि थरूर ने पांच और त्रिपाठी ने एक फॉर्म भरा था। मिस्त्री ने कहा, दो उम्मीदवारों खड़गे और थरूर में अब सीधा मुकाबला है।

थरूर नागपुर से प्रचार अभियान शुरू करेंगे

नागपुर। कांग्रेस सांसद शशि थरूर शनिवार को यहां दीक्षाभूमि स्मारक का दौरा करने के साथ ही पार्टी के अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए अपने प्रचार अभियान की शुरूआत करेंगे। महाराष्ट्र के कांग्रेस नेता आशीष देशमुख ने बताया कि थरूर दीक्षाभूमि जाकर श्रद्धांजलि देंगे, जहां डॉ. बी आर आंबेडकर ने 1956 में अपने अनुयायियों के साथ बौद्ध धर्म अपना लिया था। थरूर शनिवार शाम नागपुर हवाई अड्डे पर पहुंचेंगे और वहां से दीक्षाभूमि के लिए रवाना होंगे जहां वह डॉ. आंबेडकर को श्रद्धांजलि देंगे तथा बाद में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। रविवार को थरूर सुबह नौ बजे वर्धा में महात्मा गांधी के सेवाग्राम आश्रम जाएंगे और बाद में पवनार में विनोबा भावे के आश्रम जाएंगे वह दोपहर 12 बजे के आसपास नागपुर लौटेंगे तथा कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, पार्टी की प्रदेश इकाई के सदस्यों और कार्यकतार्ओं के साथ बैठकें करेंगे। देशमुख ने कहा, थरूर लोकप्रिय कांग्रेस सांसद हैं ।

थरूर द्वारा उठाए मुद्दे को खुर्शीद का समर्थन

बेंगलुरु। वरिष्ठ कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने शशि थरूर द्वारा उठाए गए मुद्दे का समर्थन किया। थरूर ने कहा था कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति अध्यक्ष पद चुनाव में उनके प्रतिद्वंद्वी एम मल्लिकार्जुन खड़गे निरंतरता और यथास्थित वाले उम्मीदवार हैं तथा जो लोग पार्टी में बदलाव चाहते हैं वे उनके (थरूर) लिए मतदान करें। खुर्शीद उन नेताओं में शामिल हैं जिन्होंने खड़गे का समर्थन किया था और संकेत दिया था कि अगर चुनाव में आम सहमति बनती है, तो अच्छा होगा। उन्होंने यह भी कहा था कि अगर ऐसा नहीं होता है, तो 17 अक्टूबर को मतदान होगा और उसके लिए कोई खेद नहीं होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री खुर्शीद ने कहा, शशि कहते हैं कि इनमें (खड़गे) निरंतरता का तत्व है और उनमें (थरूर) में बदलाव का तत्व है। लेकिन निरंतरता और बदलाव व्यक्तिनिष्ठ और संदर्भ परक विषय हैं। मेरा मानना है कि यह चुनाव निरंतरता के साथ बदलाव पर पुन: जोर देने के लिए है क्योंकि ऐसा नहीं है कि पहली बार हमारे यहां चुनाव होने जा रहे हैं।