राम मंदिर का निर्माण सिर्फ धार्मिक मसला नहीं, यह भारत की समृद्ध संस्कृति से जुड़ा है: संघ    

राम मंदिर का निर्माण सिर्फ धार्मिक मसला नहीं, यह भारत की समृद्ध संस्कृति से जुड़ा है: संघ    

नई दिल्ली। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण के लिए 5 अगस्त को भूमिपूजन के लिए पीएम मोदी के जाने पर उठ रहे सवालों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने नकली धर्मनिरपेक्षता बताया है। संघ के सह-सर कार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने कहा है कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सिर्फ धार्मिक मामला नहीं है, बल्कि यह भारत की समृद्ध संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है। होसबोले ने कहा, 'राम मंदिर से सरकार का सिर्फ कानूनी या प्रशासनिक कनेक्शन नहीं है। लेकिन लोगों का प्रतिनिधि होने के नाते सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक राम मंदिर का निर्माण कराना सरकार की सांस्कृतिक जिम्मेदारी भी है।' पीएम के भूमिपूजन में जाने पर कुछ नेताओं के सवाल उठाने पर उन्होंने कहा, 'अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण सिर्फ धार्मिक मामला नहीं है बल्कि यह भारत की समृद्ध संस्कृति से भी जुड़ा हुआ है। जो लोग मंदिर निर्माण का विरोध करते हैं वे अक्सर इसे धर्मनिरपेक्षता की आड़ में करते हैं जबकि उन्हें इसके (धर्मनिरपेक्षता) बारे में कुछ भी नहीं पता होता।'