गायों को सर्दी से बचाने रोज खिलाते हैं 50 किग्रा के लड्डू

गायों को सर्दी से बचाने रोज खिलाते हैं 50 किग्रा के लड्डू

ग्वालियर। प्रदेश की सबसे बड़ी आदर्श गोशाला लाल टिपारा से जुड़े गोसेवक वर्षों से सर्दी के प्रकोप से गायों को बचाने के लिए प्रतिदिन 50 किग्रा के औषधीय लड्डू खिलाते हैं। इन लड्डुओं में गुड़, अजवाइन, सौंठ, बाजरा जैसी सामग्री रहती हैं। इन्हें शाम से देर रात तक गोसेवा से जुड़ी 10 टीमों के सदस्यों द्वारा पूरे शहर में घूम-घूम कर गायों को खिलाया जाता है। खास बात यह है कि पूरी सामग्री जन सहयोग से बिना किसी को कहे एकत्रित होती है। नगर निगम के चिड़ियाघर में जू क्यूरेटर गौरव परिहार की देखरेख में संचालित गोसेवा का प्रकल्प बीते 7 वर्षों से निरंतर जारी है। सर्दी आने के पहले ही गोसेवा के लिए समर्पित व इच्छुक लोग अपनी श्रद्धानुसार गुड़, अजवाइन, सौंठ, बाजरा जैसी सामग्री पहुंचा देते हैं, जिसके बाद गायों की संख्या व मांग के आधार पर लड्डू दिन में तैयार करवाए जाते हैं। उन्हें शाम होते ही पैकिंग होने के बाद कागज के कार्टूनों में भरकर गोसेवकों की टीमों को चिड़ियाघर से ही दे दिया जाता है। ये टीमें देर रात 12:00 बजे तक गली-मोहल्लों व चौक-बाजारों में जाकर गायों को खोज-खोजकर प्रतिदिन लड्डू खिलाती हैं।

बर्थ-डे व अन्य मौकों पर भी बनवाते हैं लड्डू

परिहार के अनुसार, शहर के लोग अपने व परिजनों के जन्मदिन सहित अन्य मौकों पर भी लड्डू बनवाते हैं। उन्हें सामान देने पर नि:शुल्क लड्डू बनवाकर दिए जाते हैं। किसी के बिना सामान दिए भी गायों को लड्डू खिलाने देते हैं। अभियान के चलते महीने में 1500 किग्रा गुड़, 150 किग्रा अजवाइन, 150 किग्रा सौंठ, 50 किग्रा बाजरा लग जाता है।

घर पर तैयार कर सकते हैं औषधीय लड्डू

इस अभियान में जुड़े स्वामी ऋषभानंद महाराज बताते हैं कि औषधीय लड्डू को तैयार करने की विधि बहुत आसान है। 100 ग्राम सौंठ चूर्ण, 100 ग्राम अजवाइन और डेढ़ किग्रा गुड़ मिलाकर लड्डुओं को घर पर भी तैयार कर सकते हैं। इन्हें बाजरे के दर-दरे आटे में लपेटकर आसानी से खाया भी जा सकता है।