देश की सबसे बड़ी उम्मीदें हैं बेटियां, हर क्षेत्र में ऊंचाइयां छू रहीं : राष्ट्रपति

देश की सबसे बड़ी उम्मीदें हैं बेटियां, हर क्षेत्र में ऊंचाइयां छू रहीं : राष्ट्रपति

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। देश की प्रथम आदिवासी महिला राष्ट्रपति ने कहा, देश का विकास अधिक समावेशी होता जा रहा है और क्षेत्रीय असमानताएं भी कम हो रही हैं। उन्होंने कहा, लोकतंत्र की वास्तविक क्षमता का पता लगाने में दुनिया की मदद करने का श्रेय भारत को दिया जा सकता है। उन्होंने कहा, हम भारतीयों ने संदेह जताने वाले लोगों को गलत साबित किया। इस मिट्टी में न केवल लोकतंत्र की जड़ें बढ़ीं, बल्कि समृद्ध भी हुर्इं। देश में महिला अधिकार और उनके सशक्तिकरण पर उन्होंने कहा कि अधिकांश लोकतान्त्रिक देशों में वोट देने का अधिकार प्राप्त करने के लिए महिलाओं को लंबे समय तक संघर्ष करना पड़ा था। लेकिन हमारे गणतंत्र की शुरुआत से ही भारत ने सार्वभौमिक वयस्क मताधिकार को अपनाया। उन्होंने कहा कि लैंगिक असमानता कम हो रही है, महिलाएं कई क्षेत्रों में सफलता की इबारत गढ़ रही हैं। हमारी बेटियां देश की सबसे बड़ी उम्मीद हैं। फाइटर पायलट बनने से लेकर अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनने तक, हमारी बेटियां बड़ी ऊचाइयों को छू रही हैं।

नायक देवेंद्र प्रताप सिंह कीर्ति चक्र से सम्मानित

केंद्र सरकार ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर वीरता पुरस्कारों की घोषणा की। नायक देवेंद्र प्रताप सिंह को देश के दूसरे सर्वोच्च वीरता पुरस्कार कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया। वहीं सेना के 8 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया, जिनमें सिपाही कर्ण वीर सिंह और गनर जसबीर सिंह को मरणोपरांत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया है। वहीं बाकी जिन 6 जवानों को शौर्य चक्र दिया गया है उनमें मेजर नितिन धानिया, अमित दहिया, संदीप कुमार, अभिषेक सिंह, हवलदार घनश्याम और लांस नायक राघवेंद्र सिंह शामिल हैं।