मुख्यमंत्री के दावेदारों की दिल्ली दौड़, इधर शिवराज सिंह लोकसभा की 29 सीटें जिताने की तैयारी में जुटे

मुख्यमंत्री के दावेदारों की दिल्ली दौड़, इधर शिवराज सिंह लोकसभा की 29 सीटें जिताने की तैयारी में जुटे

मप्र विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के बाद भाजपा के दिग्गज नेता मुख्यमंत्री पद के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं। मुख्यमंत्री पद के लिए पीएम आवास में मंगलवार रात सत्ता और संगठन के पदाधिकारियों की बैठक भी हुई। बुधवार को मप्र के सीएम को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की संभावना है। इधर, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आगामी लोकसभा चुनाव में सभी 29 सीटों पर कमल खिलाने की मुहिम शुरू कर दी है। इस सिलसिले में बुधवार को वह छिंदवाड़ा जाएंगे। सीएम पद के सभी दावेदार मंगलवार को दिल्ली में सक्रिय रहे। पार्टी महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर, प्रहलाद पटेल, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा सत्ता-संगठन के नेताओं से मेल-मुलाकात में व्यस्त रहे। गोपाल भार्गव को भी दिल्ली बुलाया गया है। मंगलवार रात को पीएम आवास पर बैठक में पीएम नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे। बैठक में तीनों चुनावी राज्यों को लेकर चर्चा हुई। अभी केंद्रीय पर्यवेक्षकों के नाम तय होना बाकी है, उसके एक-दो दिन बाद विधायक दल की बैठक में नेता का ऐलान हो जाएगा।

नड्डा-शाह से मिले वीडी :

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शर्मा ने भी दिल्ली पहुंचकर पार्टी के अध्यक्ष जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल से मुलाकात की। शर्मा ने विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली प्रचंड विजय को लेकर चुनाव के प्रमुख रणनीतिकार अमित शाह और मार्गदर्शक रहे नड्डा का अभिनंदन भी किया।

पीएम मोदी को पहनाएंगे 29 कमल की माला

 मुख्यमंत्री चौहान ने मंगलवार को लाड़ली बहनों के साथ भोजन किया। उन्होंने कहा कि वे दिल्ली नहीं जा रहे। साथ ही दोहराया कि वह तो कार्यकर्ता हैं, पार्टी जहां कहेगी वहां काम करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री पद का दावेदार न पहले था न अब हूं। पार्टी जो भी काम कहेगी वह करूंगा।

समीक्षा बैठक : कांग्रेस ने हार के लिए ईवीएम को ठहराया जिम्मेदार भोपाल

विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस ने बुधवार को प्रदेश कार्यालय में समीक्षा की। इसमें ज्यादातर प्रत्याशियों ने तो ईवीएम को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जहां कांग्रेस बड़े अंतर से हारी, वहां 100 से अधिक ईवीएम काउंटिंग के वक्त 99 प्रतिशत तक चार्ज मिली। जबकि, मतदान के दौरान 10 घंटे से ज्यादा इनका उपयोग हो चुका था। इसका आशय हुआ कि मतगणना की प्रक्रिया के दौरान इन मशीनों का बिल्कुल उपयोग नहीं हुआ, जो संभव नहीं है। इससे इस बात का शक होता है कि या तो ईवीएम बदलीं गई या उनके साथ छेड़छाड़ की गई। प्रत्याशियों ने बताया कि औसतन 100 ईवीएम या 20 हजार वोट से छेड़छाड़ का गंभीर मामला दिखाई देता है। कांग्रेस नेताओें आरोप लगाया कि हेराफेरी से प्रशासन पर दबाव बनाकर मतगणना के आखिरी पांच राउंड में कम अंतर से पीछे चल रहे या आगे चल रहे कांग्रेस के प्रत्याशियों को हारा हुआ घोषित कर दिया गया। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि मूल बात यह है कि जिस मशीन में चिप लगी है, उसके हैक होने की संभावना होती है।

ईवीएम को लेकर बहुत सी शिकायतें मिली हैं। इस मुद्दे को वह राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष दिल्ली की बैठकों में उठाएंगे और इस विषय पर संपूर्ण रूप से गहन अध्ययन कर समाधान करने का रास्ता निकालेंगे। - कमलनाथ, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष