मध्यप्रदेश की अनुशासित गेंदबाजी मुंबई के पांच विकेट पर 248 रन

मध्यप्रदेश की अनुशासित गेंदबाजी मुंबई के पांच विकेट पर 248 रन

बेंगलुरू। मध्य प्रदेश के गेंदबाजों के अनुशासित प्रदर्शन के सामने सितारे खिलाड़ियों से सजी मुंबई की टीम रणजी ट्रॉफी फाइनल के पहले दिन बुधवार को यहां पहली पारी में पांच विकेट पर 248 रन ही बना सकी। कप्तान पृथ्वी शॉ (79 गेंद में 47 रन) और यशस्वी जायसवाल (163 गेंद में 78 रन) ने पहले विकेट के लिए 87 रन जोड़े लेकिन मुंबई की टीम उस पिच पर अच्छी शुरुआत का फायदा उठाने में नाकाम रही जहां शॉट खेलना आसान नहीं है। पहली पारी में 400 से अधिक रन बनाने की मुंबई की उम्मीद अब सत्र के सबसे सफल बल्लेबाज सरफराज खान पर टिकी हैं जो दिन का खेल खत्म होने पर 125 गेंद में 40 रन बनाकर खेल रहे थे। दूसरे छोर पर शम्स मुलानी 43 गेंद में 12 रन बनाकर उनका साथ निभा रहे हैं। बाएं हाथ के स्पिनर कुमार कातिर्केय ने 31 ओवर गेंदबाजी की और इस दौरान 91 रन देकर एक विकेट चटकाया। तेज गेंदबाज गौरव यादव (25 ओवर में बिना विकेट के 68 रन) ने मुंबई के बल्लेबाजों पर लगातार दबाव बनाया लेकिन विकेट उनके खाते में नहीं गया। तेज गेंदबाज अनुभव अग्रवाल ने 56 रन देकर दो जबकि आफ स्पिनर सारांश जैन ने 31 रन देकर दो विकेट चटकाए।

मुझे गर्व होता है जब मैं अच्छा करता हूं :जायसवाल

बेंगलुरु। यशस्वी जायसवाल, राजस्थान रॉयल्स के साथ पिछले महीने आईपीएल जीतने से चूक गए थे, लेकिन उम्मीद है कि वह इस महीने मुंबई के लिए रणजी ट्रॉफ़ ज़रूर जीत लेंगे। तीन लगातार शतक लगाने के बाद उनके पास चौथा शतक लगाने का बेहतरीन मौक़ था, जिससे वह मुंबई की एलीट सूची में विजय मर्चेंट और सचिन तेंदुलकर के साथ जगह बना लेते। लेकिन करीब दो सत्र चुनौती देने के बाद वह मध्य प्रदेश के खिलाफ 21 रनों से शतक से चूक गए। वह एक ख़राब गेंद पर स्क्वेयर कट लगाना चाहते थे और गली क्षेत्र में आउट हो गए। उन्होंने दिन के खेल के बाद कहा हां मैं थोड़ा निराश हूं, लेकिन यह क्रिकेट है। कई बार यह सही जाता है और कई बार नहीं। जब मैं दबाव में अच्छा करता हूं, तो गर्व महसूस करता हूं। मैं उस सोच के साथ जाता हूं जिसकी उस वक़्त ज़रूरत होती है।

रुमेली धार ने क्रिकेट से लिया सन्यास

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान रुमेली धार ने बुधवार को क्रिकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास की घोषणा की। भारत के लिए 2003 में इंग्लैंड के खिलाफ पदार्पण करने वाली रुमेली ने चार टेस्ट, 78 एकदिवसीय और 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका में हुए 2005 विश्व कप में भारत को फाइनल में पहुंचाने में रुमेली ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। 38 वर्षीय रुमेली ने इंस्टाग्राम पर सन्यास की घोषणा करते हुए कहा, पश्चिम बंगाल के श्यामनगर से शुरू होने वाला 23 साल का मेरा क्रिकेट कॅरियर अपने अंत पर आ गया है। मैं क्रिकेट के सभी प्रारूपों से सन्यास लेने की घोषणा करती हूं। उन्होंने कहा, मेरा सफ़ र उतार-चढ़ाव से भरा रहा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम का प्रतिनिधित्व करना, 2005 में विश्व कप फाइनल खेलना और टीम की कप्तानी संभालना मेरे लिए अच्छा अनुभव रहा।