23 साल बाद पूरा हुआ सपना

23 साल बाद पूरा हुआ सपना

मप्र ने एलीट गु्रप-ए में गुजरात और मेघायल, क्वार्टर फाइनल में पंजाब, सेमीफाइनल में बंगाल और फाइनल में मुंबई को दी पटकनी

यह एक पीढ़ी की जीत, हम अभी बेहद भावुक हैं

यह एक पीढ़ी की जीत है। हम बेहद भावुक हैं। मध्यप्रदेश रणजी टीम के कप्तान के रूप में यह मेरा पहला वर्ष था और मैंने टीम के प्रशिक्षक चंद्रकांत पंडित से काफी कुछ सीखा है। मैं इसे जारी रखना चाहूंगा। यह एक बहुत अच्छा समूह है। ईश्वर पांडे भी हमारे दस्ते का हिस्सा थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह घायल हो गए। यह सब एक बार करना आसान नहीं था। -आदित्य श्रीवास्तव, कैप्टन, मध्यप्रदेश

मध्यप्रदेश टीम का प्रदर्शन अविश्वसनीय था

मप्र टीम ने जिस तरह से प्रदर्शन किया है, वह अविश्वसनीय था। टीम में बहुत सारे नए लोग हैं और उन्होंने बेहतर खेल दिखाया। मैं अधिक समय तक बल्लेबाज रख सकता था, लेकिन मैं कहता था जीत का ग्राफ ऊपर और नीचे होता है। आप देख सकते हैं कि हमारे पास प्रतिभा है- सरफराज, मुलानी, पारकर, अरमान जाफर। ये सब खिलाड़ी टीम का भविष्य हैं। -पृथ्वी शॉ,कैप्टन, मुंबई

ये जीत मेरे लिए एक आशीर्वाद : कोच पंडित

कोच चंद्रकांत पंडित ने कहा कि 23 साल पहले जो मैंने छोड़ा था उसकी शानदार यादें हैं। मेरे लिए यह एक आशीर्वाद की तरह है कि मैं यहां आया। ट्रॉफी जीतना शानदार और भावनात्मक है। मैं कप्तान के रूप में चूक गया था।कभी-कभी प्रतिभा होती है, लेकिन आपको संस्कृति को विकसित करने की जरूरत होती है।

दर्द की दवा लेकर बेहतर प्रदर्शन कर सका : शुभम

प्लेयर आफ द मैच बने शुभम शर्मा ने कहा कि आज फील्डिंग के दौरान कंधे की चोट के बाद मैंने दर्द की दवाएं लीं। सौभाग्य से मेरा सर्वश्रेष्ठ फाइनल में आया। पूरी टीम के साथ-साथ मैं भी बहुत भावुक और खुश हूं। कोच चंद्रकांत सर ने मुझे पहली पारी में आउट होने के बाद चीजों को हलके में नहीं लेने के लिए कहा था।

चंद्रकांत को कोच बनाने पर हुई थी आलोचना : खांडेकर

एमपीसीए के अध्यक्ष अभिलाष खांडेकर ने बताया कि हमने 2 साल पहले चंद्रकांत को अपनी टीम के साथ जोड़ा था। उस समय बहुत आलोचना हुई। हमने नई चयन समिति भी बनाई। पंडित घरेलू क्रिकेट के बेहतरीन कोच रहे हैं। मप्र की कप्तानी भी कर चुके थे। वह जानते थे कि टीम को क्या चाहिए।

रणजी ट्रॉफी जीतकर मप्र ने बनाया इतिहास: जगदाले

बीसीसीआई के पूर्व सचिव संजय जगदाले ने कहा कि पहली बार मप्र रणजी ट्रॉफी जीतकर इतिहास बनाया है। हर खिलाड़ी, हर टीम और हर राज्य का यह सपना होता है कि वह यह टूर्नामेंट जीते। 1953 में होलकर टीम जीती थी। उसके इतने साल बाद अब मप्र जीती है। मैं सभी खिलाड़ियों, स्टाफ को बधाई देता हूं।

मध्यप्रदेश का क्रिकेट उन्नति की राह पर : सुशील

दोषी कागज पर बेहद साधारण नजर आने वाली मध्यप्रदेश टीम ने चैंपियन मुंबई को खिताबी मुकाबले में हराकर सीधी जीत दर्ज कर आज मुश्ताक अली का सपना भी पूरा कर दिया। इस जीत का श्रेय मैं कोच चंद्रकांत पंडित को देना चाहूंगा, जिन्होंने टीम पर काफी मेहनत की और अपनी योजना पर खरे उतरे।

पंडित बतौर कोच 6 बार रणजी चैंपियन रहे

सीजन                         टीम                           कैप्टन
2002-03                   मुंबई                         पारस म्हाम्ब्रे
2003-04                   मुंबई                         साईराज बहुतुले
2015-16                  मुंबई                         आदित्य तारे
2017-18                  विदर्भ                         फैज फजल
2018-19                  विदर्भ                        फैज फजल
2021-22                  मप्र                           आदित्य श्रीवास्तव