एक ही वैक्सीन से कोरोना और ओमिक्रॉन का खात्मा

एक ही वैक्सीन से कोरोना और ओमिक्रॉन का खात्मा

लंदन। ब्रिटेन ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई में बड़ी कामयाबी हासिल की है। देश ने एक ऐसी बूस्टर डोज को मंजूरी दी है, जो ओरिजिनल कोरोना स्ट्रेन और ओमिक्रॉन दोनों वैरिएंट के खिलाफ कारगर है। इसके साथ ही ब्रिटेन पहला ऐसा देश बन गया है, जिसने इस तरह की वैक्सीन को मंजूरी दी है। ब्रिटेन की मेडिसिन एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी (एमएचआरए) ने कहा कि उसने कोरोना वायरस के खिलाफ एडवांस मॉडर्ना वैक्सीन को मंजूरी दी, क्योंकि इसे सुरक्षा, क्वालिटी और असर के मानकों पर खरा पाया गया है। फिलहाल इस बूस्टर वैक्सीन को 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों पर इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है। आधी डोज ही करेगी असर बूस्टर डोज स्पाइकवैक्स बाइवैलेंट ओरिजिनल/ओमिक्रॉन की हर खुराक का आधा हिस्सा (25 माइक्रोग्राम) ओरिजिनल वैरिएंट के खिलाफ काम करता है, जबकि दूसरा आधा हिस्सा ओमिक्रॉन को निशाना बनाता है। एमएचआरए के प्रमुख डॉ. जे. राइन ने कहा, क्लीनिकल ट्रायल में ओमिक्रॉन के साथ ही ओरिजिनल कोरोना वैरिएंट के खिलाफ भी कारगर साबित हुई है।

ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट पर भी कारगर

मॉडर्ना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ पॉल बर्टन के अनुसार कंपनी का फैसला क्लीनिकल ट्रायल के आंकड़ों पर आधारित है जिसमें दिखाया गया है कि बूस्टर मॉडर्ना वैक्सीन ओमिक्रॉन के साथ ही 2020 के ओरिजिनल वैरिएंट के खिलाफ कारगर पाया गया। इसके अलावा ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट बीए.4 और बीए.5 के खिलाफ भी इसे कुछ हद तक कारगर पाया गया। एजेंसी ने कहा कि ट्रायल के दौरान वैक्सीन के दुष्प्रभाव वही हैं, जो मूल मॉडर्ना बूस्टर डोज में देखे गए थे और आमतौर पर हल्के थे।

भारत में जल्द आएगी ओमिक्रॉन स्पेशल वैक्सीन

ओमिक्रॉन के सब- वैरिएंट के कारण देश में एक बार फिर से कोरोना के मामलों में तेजी आई है। इस बीच ओमक्रॉन को लेकर सीरम इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने कहा कि भारत में जल्द ही ओमिक्रॉन के लिए वैक्सीन आने वाली है। सीरम इंस्टीट्यूट आॅफ इंडिया नोवावैक्स के साथ एक ओमिक्रॉन स्पेशल वैक्सीन पर काम कर रहा है। उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि ओमिक्रॉन के खिलाफ बन रही वैक्सीन इस साल के अंत तक आ जाएगी।

ओमिक्रॉन हल्का नहीं, बल्कि गंभीर μलू है

पूनावाला के मुताबिक कंपनी में तैयार किया जा रहा टीका ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट बी5 के खिलाफ मुख्य रूप से कारगर होगा। यह वैक्सीन ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट के साथ साथ उसके मुख्य वैरिएंट के खिलाफ भी काम करेगा। उन्होंने बताया कि भारत के लिए ओमिक्रॉन स्पेसफिक वैक्सीन को बढ़ावा देना काफी महत्वपूर्ण है, क्योंकि ओमिक्रॉन हल्का नहीं बल्कि खुद को एक गंभीर μलू की तरह प्रस्तुत करता है।

मॉडर्ना की नई वैक्सीन को साल में सिर्फ 1 बार लगाने की जरूरत

मॉडर्ना की नई बूस्टर वैक्सीन किसी शख्स के एंटीबॉडी को इतने हाई लेवल तक बढ़ा सकती है कि इसकी केवल सालाना जरूरत हो सकती है। - डॉ पॉल बर्टन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मॉडना