सात समंदर पार दोस्ती में आज भी अटैचमेंट के साथ इमोशनल बॉडिंग

सात समंदर पार दोस्ती में आज भी अटैचमेंट के साथ इमोशनल बॉडिंग

हमारी आपकी जिंदगी में माता पिता के बाद दोस्ती से बढ़कर शायद ही कोई दूसरा रिश्ता होगा। दोस्ती का रिश्ता वो है, जिसमें कोई स्वार्थ नहीं होता, दोस्त एक दूसरे की मदद के लिए वक्त- बेवक्त हाजिर रहते हैं और जिंदगी की तमाम मुश्किलों से लड़ने की ताकत और हिम्मत हमें देते हैं। इसी प्यारे रिश्ते को यादगार बनाने के लिए इटरनेशनल डे ऑफ फ्रेंडशिप पूरी दुनिया में मनाया जाता है। यूनाइटेड नेशंस ने भी दोस्ती के इस दिन को यादगार बनाने के लिए 2011 में जनरल असेंबली में घोषणा की थी कि 30 जुलाई के दिन को इंटरनेशनल डे ऑफ फ्रेंडशिप के तौर पर जाना जाएगा। आईएम भोपाल ने शहर के लोगों से बात कर जाना उनके दोस्ती आज भी इंटरनेशनल फ्रेंड्स से कैसे कनेक्टेड हैं।

हर साल एक साथ विदेश घूमने का बनाते हैं प्लान

मेरी दो फ्रेंड्स अंशुला माधवन और ऋचा गंभीर दोनों यूएसए में रहती हैं। हमारी फ्रेंडशिप केजी 1 से कायम है। हम सभी की खास बात यह है कि साल में एक बार जरूर मिलते हैं। वो लोग भोपाल नहीं आपाते और अगर मैं अमेरिका नहीं जा पाती हूं, तब हम सब मिलकर एक ट्रिप प्लान करते है अभी लॉकडाउन के पहले तुर्की घूमने गए थे।

जब भी परेशानी में रहा हमेशा दिया साथ

मैं और मेरे दोस्त जय उपाध्याय हम दोनों की दोस्ती इंजीनियरिंग कॉलेज के फर्स्ट ईयर से है। हम दोनों एक साथ एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे और उसके लिए देश के अलग-अलग शहरों में जाकर साथ में प्रेजेंटेशन दिया। हम दोनों में बॉन्डिंग इतनी अच्छी हुई की आज भी 14 साल की दोस्ती हो गई है और जय अमेरिका के न्यूयॉर्क सिटी में रहता हैं और जब भी लाइफ में कभी भी किसी भी तरह की परेशानी आती है वो मेरा साथ देने के लिए हमेशा साथ रहता हैं।