रीडिंग को एंजॉय करें ताकि रीजनिंग और इंग्लिश के लंबे पैसेज जल्दी पढ़ सकें

रीडिंग को एंजॉय करें ताकि रीजनिंग और इंग्लिश के लंबे पैसेज जल्दी पढ़ सकें

 कंसोर्टियम ऑफ नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी ने कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट(क्लेट)2022 के नतीजे शनिवार को जारी कर दिए हैं। परीक्षा 19 जून को 131 परीक्षा सेंटर पर आयोजित की गई थी। इस वर्ष लॉ एडमिशन टेस्ट में कुल 60,895 छात्रों ने रजिस्ट्रेशन कराया था और परीक्षा के दिन 56, 472 छात्र उपस्थित रहे। नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी क्लेट के स्कोर के आधार पर पांच वर्षीय बीए- एलएलबी प्रोग्राम में 2,800 सीटें आॅफर करती है। भोपाल से इस परीक्षा में लगभग 80 सिलेक्शन की उम्मीद है। भोपाल में वृंदा सिन्हा ने आॅल इंडिया 37वीं रैंक के साथ टॉप किया है। वहीं डी सार्इं संकेत शर्मा ने ऑल इंडिया 50वीं रैंक प्राप्त की।

मैथ्स पर की ज्यादा मेहनत

मैंने सेंट जोसेफ कॉन्वेंट ईदगाह से ह्यूमेनिटीज संकाय से 12 वीं परीक्षा दी और साथ में क्लेट भी। मेरे पिता डॉ. प्रतुल सिन्हा डॉक्टर है और मम्मी वर्षा सक्सेना केमेस्ट्री में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं, इसलिए किसी ने सोचा नहीं था कि मैं ह्यूमेनिटीज चुनूंगी लेकिन पैरेंट्स ने कहा कि जिसमें रुचि है वहीं पढ़ो। मेरी मैथ्स बहुत अच्छी नहीं थी लेकिन क्लेट में मैथ्स आता है इसलिए पापा ने कहा कि मैथ्स को ऑप्शनल विषय के रूप में जरूर पढ़ो क्योंकि जिस विषय में कमजोर हैं उसमें भी मजबूत होना है। मैंने वैसा ही किया मेरा अनुभव रहा कि जिन लोगों को रीडिंग में मजा आता है वे क्लेट के लीगल रीजनिंग व इंग्लिश के पेपर के लंबे पैसेज को बिना कठिनाई के साथ हल कर सकते हैं क्योंकि यहां रीडिंग स्पीड और ग्रामर अच्छी होना जरूरी है। हर्ष गंगरानी सर के गाइडेंस की वजह से इतनी अच्छी रैंक मिल सकी। मेरा सपना पूरा हुआ मुझे एनएलएसयूआई बैंगलुरू मे पढ़ने का मौका मिलेगा।

रीडिंग को एंजॉय करें और खूब पढ़े

मैंने डीपीएस से ह्यूमेनिटीज में 12वीं की और साथ में क्लेट की तैयारी। 11वीं में मैंने क्लेट कोचिंग की और सिलेबस को समझा और कवर किया और 12 वीं में पूरा समय प्रैक्टिस की। मैं मॉक टेस्ट कोचिंग और घर दोनों पर देता और फिर जो गलतियां होती उन्हें ठीक करने पर काम करता। क्लेट की तैयारी करने वालों को सलाह दूंगा कि वे रीडिंग को एंजॉय करें और खूब पढ़े ताकि सवालों को पढ़ने की स्पीड, पैसेज पढ़कर एक्यूरेसी के साथ हल करने की क्षमता का विकास हो। कई बार गलत पढ़ लेने से पूरे जवाब गलत हो जाते हैं। करंट अफेयर्स एक साल के आते हैं तो कोचिंग की मैग्जीन व न्यूजपेपर पढ़ते रहे। कहीं दवाब महसूस कर रहे हैं तो फैकल्टीज से बात करें क्योंकि वो इस पर आपकी मदद कर सकते हैं। मैं जहां प्रेशर महसूस करता था, उसे दूर करने के लिए टीचर्स से गाइडेंस लेता था। बाकी कोचिंग के नोट्स फॉलो करे व क्लास में ध्यान से सुनें।

मेडिटेशन से मिली पढ़ने की ताकत

मैंने कॉमर्स स्ट्रीम के साथ कैंपियन स्कूल से पढ़ाई की। पहले मुझे पीसीएम में रुचि थी लेकिन उसके कॅरियर ऑप्शन में मुझे अपने लिए ज्यादा मौके नहीं मिले। लॉकडाउन के दौरान मैंने रिसर्च की तो पाया कि मेरे एप्टीट्यूड के मुताबिक लॉ फील्ड मेरे लिए बेतहर है क्योंकि मेरे पापा भी लॉयर थे। शुरुआत में मेरी परफॉर्मेंस क्लेट मॉक में अच्छी नहीं थी जिससे निराशा होती थी। मेरे 50-60 अंक ही आते थे, फिर परफॉर्मेंस बेहतर हुई लेकिन परीक्षा से पहले फिर मैं मॉक टेस्ट में 50 अंकों तक गिर गया क्योंकि मुझे एंजाइटी होने लगी थी, सही जवाब समझने के बावजूद प्रेशर में गलतियां कर रहा था, लेकिन फिर मैंने मेडिटेशन और अपनी हॉबी को वापस जारी किया और फुटबॉल खेलने लगा जिससे मुझे फिर से पढ़ने बैठने की ताकत मिलने लगी। कई बार घबराहट की वजह से भी गलतियां होने लगती हैं।