ग्वालियर में बैन के बाद भी आतिशबाजी फिर भी वायु प्रदूषण पिछले साल से कम

ग्वालियर में बैन के बाद भी आतिशबाजी फिर भी वायु प्रदूषण पिछले साल से कम

ग्वालियर। राज्य शासन के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत दीपावली के एक दिन पहले ग्वालियर, सिंगरौली और कटनी में पटाखों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया था। लेकिन तीनों शहरों में त्योहार के दिन जमकर आतिशबाजी हुई। हालांकि, ग्रीन पटाखों की वजह से ग्वालियर में दिवाली की रात हवा में ज्यादा जहर नहीं घुला। यहां एयर क्वालिटी इंडेक्स 152 तक ही पहुंचा, जबकि वर्ष 2021 में यह 208 तक पहुंच गया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दीपावली के आसपास तीन दिन की रिपोर्ट मांगी है। यह रिपोर्ट बुधवार की शाम तक मिलने की संभावना है। बोर्ड का यह भी कहना है कि ग्वालियर की हवा इंदौर और भोपाल की तुलना में कहीं ज्यादा ठीक है।

1कटनी और सिंगरौली में भी फोड़े गए पटाखे

सिंगरौली और कटनी में भी वायु प्रदूषण के चलते पटाखों पर रोक लगाई गई थी, लेकिन दोनों शहरों में आतिशबाजी हुई। बैढ़न व नवानगर में पटाखे खुलेआम बिके। कटनी में भी पटाखा बैन के आदेशों का पालन नहीं हुआ।

सतना, सागर और मैहर की हवा अच्छी

25 अक्टूबर की सुबह प्रदेश के तीन जिले ऐसे भी थे जहां एक्यूआई 50 से कम (गुड) कंडीशन में रहा। इसमें सतना 38, सागर 41 और मैहर में एक्यूआई 44 दर्ज किया गया।

ग्वालियर में हवा की शुद्धता का मापन किया है। इसमें अशुद्धता 152 है। इसे मॉडरेड भी कहते हैं। तीन दिन की पूरी रिपोर्ट आने पर और ज्यादा सटीक आकलन किया जा सकेगा। हवा की अशुद्धता को रोकने में ग्रीन पटाखे भी कारगर रहे हैं।

- एचएस मालवीय अधीक्षक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड

पटाखों के प्रतिबंधात्मक आदेश कर उल्लंघन करने वालों को लेकर हमारी टीम जांच में जुटी हुई है। इस संबंध में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। - राजीव रंजन मीना कलेक्टर, सिंगरौली