तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से FIFA ने AIFF पर लगाया प्रतिबंध

तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से FIFA ने AIFF पर लगाया प्रतिबंध

नई दिल्ली। भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) को अपने 85 साल के इतिहास में पहली बार फीफा से निलंबन झेलना पड़ा है। विश्व फुटबॉल संचालन संस्था फीफा ने तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप के कारण भारतीय फुटबॉल महासंघ को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फीफा के नियमों के गंभीर उल्लंघन की वजह से यह निर्णय लिया गया है। एआईएफएफ को सस्पेंड करने का मतलब है कि अंडर-17 महिला फुटबॉल वर्ल्ड कप टूर्नामेंट, जो कि देश में 11 अक्टूबर से 30 अक्टूबर के बीच में आयोजित होने वाला था, अब तय समय पर नहीं होगा। इसकी मेजबानी भारत से छीनी भी जा सकती है। बता दें कि भारत में खेल संघों के नियमों के अनुसार किसी भी संस्था के शीर्ष पद पर कोई एक व्यक्ति 12 साल से ज्यादा नहीं रह सकता है। प्रफुल्ल पटेल ने इस पद पर अपने 12 साल पूरे कर लिए थे और वो अब चौथी बार अध्यक्ष नहीं बन सकते थे। इसके बावजूद चुनाव नहीं हो रहे थे। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट ने दखल दिया और तीन सदस्यों की एक समिति बनाई, जिसे एआईएफएफ के चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई। फीफा के नियमों के अनुसार कोई तीसरी पार्टी फुटबॉल से जुड़े मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। सभी फैसले किसी देश का फुटबॉल संघ या फीफा ही कर सकता है, लेकिन भारतीय फुटबॉल में सीओए का हस्तक्षेप जारी था। सीओए ने पहले 12 सदस्यों की एक सलाहकार समिति बनाई, लेकिन फीफा ने इसे मान्य नहीं किया।

निलंबन से ये होगा असर, चुनाव कराना ही एक मात्र उपाय

फीफा से निलंबित होने के बाद भारतीय फुटबॉल संघ अस्थाई रूप से बैन हुआ है। अब भारत की पुरुष और महिला फुटबॉल टीम कोई अंतर्राष्ट्रीय मैच नहीं खेलेंगी। भारत में फीफा से जुड़ा कोई आयोजन नहीं होगा। भारत में होने वाली सभी फुटबॉल लीग को फीफा अमान्य करार देगा। इसका मतलब है डुरंड कप को भी फीफा मान्य नहीं करेगा। अंडर-17 महिला विश्व कप की मेजबानी भी भारत से छिन सकती है। बता दें कि फीफा शुरुआत से ही इस मामले पर कहता रहा है कि भारतीय फुटबॉल संघ में जल्द से जल्द चुनाव होने चाहिए। जैसे ही एआईएफएफ के चुनाव पूरे होते हैं और नया अध्यक्ष चुना जाता है तो फीफा अपना निलंबन हटा लेगा।

इधर, सीओए फीफा की शर्तों पर चुनाव कराने को राजी

फीफा के प्रतिबंध के बाद ही प्रशासकों की समिति (सीओए) विश्व फुटबॉल की सर्वोच्च संस्था की शर्तों के अनुसार अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के चुनाव कराने पर सहमत हो गई है। इस घटनाक्रम की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने बताया कि प्रतिबंध थोड़े समय के लिए ही हो सकता है क्योंकि उच्चतम न्यायालय से नियुक्त प्रशासकों की समिति चुनावों और नए संविधान को लेकर फीफा की लगभग सभी शर्तों को मानने के लिए तैयार है। इसलिए अंडर-17 महिला विश्वकप का आयोजन अभी भारत में हो सकता है। एक शीर्ष सूत्र ने कहा कि अधिकारियों को लग रहा है कि प्रतिबंध थोड़े समय के लिए ही रहेगा और चुनाव 28 अगस्त को नहीं, लेकिन 15 सितंबर (फीफा की समय सीमा) से पहले कराए जाएंगे।