नकल का वीडियो उसके कॉलेज का नहीं, फिर से सेंटर बनाने की तैयारी

नकल का वीडियो उसके कॉलेज का नहीं, फिर से सेंटर बनाने की तैयारी

ग्वालियर। जीवाजी विवि ने स्रातक थर्ड ईयर की परीक्षा में गवर्नमेंट कॉलेज बानमोर पर टेंट में परीक्षा होने व छात्रों के गाइड रखकर नकल करने और इंद्रप्रस्थ कॉलेज में छात्रों के जमीन पर परीक्षा देने व नकल के मामले में भिंड और मुरैना में नए सिरे से परीक्षा केंद्र बनाने के लिए कॉलेजों के भौतिक सत्यापन के लिए गठित कमेटी 1 मई को मुरैना के सेंटरों पर जाकर जायजा ले चुकी है। मगर विवि ने एक नई कमेटी 2 मई को कैलारस स्थित इंद्रप्रस्थ कॉलेज में भेजी, क्योंकि कॉलेज संचालक ने विवि से कहा है कि नकल का वीडियो वायरल हुआ है, वह उसके कॉलेज का नहीं है।

जानकारी के अनुसार कॉलेज संचालक भाजपा नेता है, इसलिए कॉलेज को फिर से सेंटर बनाए जाने के लिए कुलपति पर दबाव है। यही वजह है कि नई कमेटी से कॉलेज का भौतिक सत्यापन कराया गया है। कमेटी को पॉजिटिव रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है ताकि कॉलेज को फिर से सेंटर बनाया जा सके। कमेटी में एक प्रोफेसर, एक सहायक कुलसचिव और लीड कॉलेज के प्रिंसिपल शामिल थे।

22 अप्रैल को इंद्रप्रस्थ कॉलेज का सेंटर निरस्त किया

विवि प्रशासन ने इंद्रप्रस्थ कॉलेज में छात्रों के जमीन पर परीक्षा देने और छात्रों के आपस में बातचीत करते हुए पेपर हल करने के मामले में 22 अप्रैल को इंद्रप्रस्थ कॉलेज का सेंटर निरस्त कर दिया था। इंद्रप्रस्थ कॉलेज कैलारस में जेबी कॉलेज सबलगढ़, सुभाष कॉलेज कैलारस, आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज कैलारस की परीक्षा हो रही थी। विवि ने जेबी कॉलेज, सुभाष कॉलेज की परीक्षा गवर्नमेंट पीजी कॉलेज मुरैना और आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज के लिए ऋषि गालव कॉलेज में सेंटर बनाया था।

कमेटी की रिपोर्ट पर नए सिरे से बनेंगे सेंटर

डीसीडीसी की अध्यक्षता में गठित कमेटी ने 1 मई को मुरैना के गवर्नमेंट और प्राइवेट कॉलेजों में जाकर स्थिति का जायजा लिया है कि कितने छात्रों की परीक्षा कराई जा सकती है, सेंटर पर फर्नीचर के अलावा क्या- क्या इंतजाम हैं। कमेटी को रिपोर्ट देने के लिए 5 मई तक का समय दिया गया है। इसके बाद सेंटर निर्धारण कमेटी स्रातक थर्ड ईयर के बचे हुए पेपरों और स्नातकोत्तर की परीक्षाओं के लिए नए सिरे से सेंटरों का निर्धारण करेगी।

इंद्रप्रस्थ कॉलेज में नई कमेटी गई जरूर थी, लेकिन केंद्र का निर्धारण भौतिक सत्यापन वाली कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर ही होगा। डॉ. एके शर्मा, परीक्षा नियंत्रक जेयू