शुभारंभ के 24 घंटे के अंदर जबलपुर में लगी मेडिकल की पहली हिंदी क्लास

शुभारंभ के 24 घंटे के अंदर जबलपुर में लगी मेडिकल की पहली हिंदी क्लास

जबलपुर। हिंदी में मेडिकल पाठ्यक्रम शुरू होने के अगले ही दिन जबलपुर के नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज में पहली हिंदी क्लास लगी। यहां हिंदी में तीन विषयों की पढ़ाई शुरू कर दी गई है। एक प्रोफेसर ने बताया कि क्लास में अंग्रेजी शब्दों को हिंदी में लिखकर समझाया जा रहा है। पहले दिन 180 में से 160 स्टूडेंट उपस्थित रहे। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने रविवार को एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री और फिजियोलॉजी की किताबों का विमोचन किया था। हिंदी माध्यम की इन किताबों में रक्तचाप, रीढ़, हृदय, गुर्दा जैसे अंगों के नाम हिंदी के साथ ब्रैकेट में इंग्लिश में भी लिखे हैं।

दमोह और भोपाल में हिंदी में लिखा पर्चा

 हिंदी पाठ्यक्रम की शुरुआत के साथ ही दमोह जिला चिकित्सालय के डॉक्टर वेदांत तिवारी ने मरीजों को हिंदी में दवाएं लिखनी शुरू कर दी हैं। उनका हिंदी में लिखा एक पर्चा सामने आया है। सतना और भोपाल में भी कुछ डॉक्टरों ने ऊँ, श्री हरि के साथ हिंदी में पर्चा लिखा है।

पहले दिन की क्लास काफी अच्छी रही। हम पहले भी हिंदी और अंग्रेजी दोनों का उपयोग करते थे। लेकिन अब हम पूरी तरह हिंदी भाषा में विद्यार्थियों को पढ़ा रहे हैं। -डॉ. नम्रता दुबे, एचओडी फिजियोलॉजी

पहले दिन की क्लास में आंख के रेटिना टॉपिक को पढ़ाया। हिंदी भाषा में प्रोफेसर द्वारा पढ़ाने से टॉपिक अच्छे से समझ में आया। - सैम्या विश्वकर्मा, मेडिकल स्टूडेंट