खरगोन हिंसा में पहली मौत, परिजनों का आरोप आठ दिन छिपाए रखा शव

खरगोन हिंसा में पहली मौत, परिजनों का आरोप आठ दिन छिपाए रखा शव

इंदौर। खरगोन में 10 अप्रैल को रामनवमी के दिन हुई हिंसा में सोमवार को पहले व्यक्ति की मौत की जानकारी सामने आई। हिंसा के बाद से लापता 28 वर्षीय इदरीश उर्फ सद्दाम का शव 126 किमी दूर इंदौर के एमवाय अस्पताल की मर्चुरी में मिला। पुलिस का कहना है कि खरगोन में 11 अप्रैल को शव मिला था, लेकिन वहां की मर्चुरी में फ्रीजर नहीं होने की वजह से उसे इंदौर भेज दिया गया था। सिर पर चोट लगने से इदरीश की मौत हुई है। उधर, खरगोन पुलिस की सूचना पर एमवाय अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिस पर 8 दिनों तक उसकी मौत को छिपाने का आरोप लगाया। परिजनों ने बताया कि इदरीश 10 अप्रैल को दंगों से एक घंटे पहले घर से रोजा इμतारी का सामान लेने निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने कμर्यू के बीच उसे जगह-जगह तलाशा। जब उसकी कोई खोज-खबर नहीं मिली, तो 14 अप्रैल को गुमशुदगी दर्ज कराई। कांग्रेस ने भी सरकार पर मामला छिपाने का आरोप लगाया है।

भाई ने कहा - आंख फूटी, हाथ पैरों में चोट के निशान

इदरीश नगर निगम में काम करते थे। भाई इखलाक ने कहा कि इदरीश के हाथ-पैरों में चोटों के निशान थे। उसकी एक आंख फूट गई थी। उसे आखिरी बार कुछ लोगों ने पुलिस जीप में देखा था। इखलाक ने कहा कि लगता है पुलिस ने 8 दिनों तक उसके परिवार को अंधेरे में रखा।

नरोत्तम बोले - पहचान नहीं होने की वजह से हुई देरी

गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद 11 अप्रैल को हत्या का मामला दर्ज किया गया। उस समय शव की पहचान नहीं हो पाई थी। गुमशुदगी की रिपोर्ट बाद में दर्ज कराई गई। इसके बाद में मृतक की पहचान की गई। गृह मंत्री ने कहा कि मामले में आगे की जांच जारी है।

सुप्रीम कोर्ट पहुंचा बुलडोजर से मकान गिराने का मामला

जमीयत उलेमा ए- हिंद ने हिंसा के मामलों में आरोपियों के घर बुलडोजर से गिराने को असंवैधानिक बताते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है। संगठन ने मांग की है कि वह भारत सरकार और राज्य सरकारों को निर्देश दे कि वे किसी भी मामले में अभियुक्तों के खिलाफ तुरंत ऐसी कार्रवाई न करें।

कμर्यू में दो - दो घंटे की ढील

लोगों ने खरीदा दूध - सब्जी खरगोन में सोमवार दोपहर 12 बजे और 3 बजे से दो-दो घंटे के लिए कμर्यू में ढील दी गई। इस दौरान सब्जियां, दूध, किराना और दवाओं की दुकानें खुली रहीं। इधर, मुस्लिम मौलवियों ने सीएस इकबाल सिंह बैंस को एक ज्ञापन देकर आरोप लगाया कि हिंसा के 200 आरोपियों की हड्डियां तोड़ दी गई हैं।

उस महिला को घर की पेशकश जिसका पीएम आवास गिराया

खरगोन दंगों के बाद प्रशासन ने 60 वर्षीय बुजुर्ग हसीना का पीएम आवास तोड़ दिया था। अब उसे नया घर देने की पेशकश की गई है। महिला के बेटे अमजद ने बताया कि हमने सुरक्षा के लिहाज से प्रस्ताव खारिज कर दिया है। इससे पहले कलेक्टर अनुग्रह पी ने कहा था कि महिला ने जहां घर बना रखा था वह सरकारी जमीन थी।

दंगे में घायल शिवम की हालत में सुधार

खरगोन हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए 16 साल के शिवम की हालत में सुधार हो रहा है। सोमवार को भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय सीएचएल में उसे देखने पहुंचे। डॉक्टरों ने बताया कि शिवम की हालत स्थिर है और वह लगातार रिकवर हो रहा है। इससे पहले मंत्री तुलसी सिलावट और उसके पहले कलेक्टर मनीष सिंह भी शिवम को देखने अस्पताल जा चुके हैं। शिवम के सिर में गंभीर चोटें आई हैं।