नाइजीरिया में हुई पहली मौत अमेरिका में होगा वैक्सीनेशन

नाइजीरिया में हुई पहली मौत अमेरिका में होगा वैक्सीनेशन

न्यूयॉर्क। पहले कोरोना तो अब मंकीपॉक्स वायरस ने दुनियाभर को परेशान करके रखा हुआ है। इसबीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने नाइजीरिया में मंकीपॉक्स से पहली मौत होने की पुष्टि की है। डब्ल्यूएचओ के अनुसार दुनिया के 50 देशों में अब तक मंकीपॉक्स के 3413 मामले मिले हैं। इनमें से नाइजीरिया में 41 संक्रमित हैं, जबकि अमेरिका में 306 मरीज मंकीपॉक्स के हैं। डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट के अनुसार 17 से 22 जून के बीच 8 नए देशों में 1310 मामले सामने आए हैं। मंकीपॉक्स के बढ़ते संक्रमण के बीच अमेरिका ने वैक्सीनेशन की तैयारी शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक बाइडेन प्रशासन ने मंकीपॉक्स के खिलाफ लड़ाई लड़ने के लिए एक नई योजना की शुरुआत की है। जानकारी के अनुसार इस योजना के अंतर्गत मंकीपॉक्स से संक्रमित इलाके और लोगों को उच्च प्राथिमिकता में रखा जा रहा है। यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) के अनुसार बवेरियन नॉर्डिक ए /एस की जिनेओस वैक्सीन की मंजूरी दी गई है। सीडीसी ने बताया कि इस मंकीपॉक्स वैक्सीनेशन प्लान में उन लोगों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिनमें संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है। साथ ही जो ज्यादा इंफेक्शन वाले राज्यों में वायरस के संपर्क में आए हैं। वहीं भले ही 50 देशों में मंकीपॉक्स के मामले मिले हैं, लेकिन भारत के लिए राहत की बात यह है कि यहां अभी मंकीपॉक्स का एक भी मरीज नहीं है।

1958 में बंदर में मिला वायरस दुनिया में फैला

???? मंकीपॉक्स बीमारी एक ऐसे वायरस के कारण होती है, जो स्मॉल पॉक्स यानी चेचक के वायरस के परिवार का ही सदस्य है।

???? मंकी पॉक्स 1958 में पहली बार एक बंदर में पाया गया था, जिसके बाद 1970 में यह 10 अफ्रीकी देशों में फैल गया था।

???? 2003 में पहली बार अमेरिका में इसके मामले सामने आए थे। 2017 में नाइजीरिया में मंकी पॉक्स का सबसे बड़ा आउटब्रेक हुआ था, जिसके 75%मरीज पुरुष थे। ब्रिटेन में इसके मामले पहली बार 2018 में सामने आए थे।

एलजीबीटीक्यू समुदाय पर होगा फोकस

इसबीच अमेरिका में व्हाइट हाउस कोविड रिस्पांस कोआॅर्डिनेटर आशीष झा के अनुसार समलैंगिक पुरुषों में मंकीपॉक्स का खतरा अधिक पाया गया है। इसके चलते एलजीबीटीक्यू समुदाय के लोगों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, खासकर वैसे लोग जो पुरुष होकर भी पुरुषों के साथ यौन संबंध रखते हैं।

यूपी-महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में भेजे सैंपल आए निगेटिव

यूपी-महाराष्ट्र सहित करीब 7 राज्यों से जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए सैंपल में कोई पॉजिटिव रिपोर्ट नहीं मिली है। पिछले माह स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रत्येक संदिग्ध सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग कराने का आदेश दिया था। पुणे स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट आॅफ वायरोलॉजी (एनआईवी) की लैब में सैंपल भेजने को कहा गया था।

तत्काल जांच करानी चाहिए

हमारे यहां दो सप्ताह में 8 सैंपल आए, लेकिन सभी फेल हो गए। किसी व्यक्ति के संक्रमित होने का संदेह होने के लिए बीते 21 दिन के दौरान उनकी यात्रा विवरण होना आवश्यक है। वहीं सूजन, बुखार, सिरदर्द, शरीर में दर्द और गहरी कमजोरी जैसे लक्षण महसूस किए जा रहे हैं तो उसे तत्काल जांच करानी चाहिए। - डॉ. प्रिया अब्राहम, निदेशक, एनआईवी

  ब्रिटेन सबसे ज्यादा परेशान
    देश                       मरीज
ब्रिटेन                        793
जर्मनी                       521
स्पेन                          520
पुर्तगाल                    317
अमेरिका                 306
फ्रांस                         277
कनाडा                    210
नीदरलैंड                167
इटली                        85
बेल्जियम                 77
स्विट्जरलैंड          46