PFI पर पांच साल का बैन, ISIS जैसे आतंकी संगठनों से मिले लिंक

PFI पर पांच साल का बैन, ISIS जैसे आतंकी संगठनों से मिले लिंक

नई दिल्ली/भोपाल। केंद्र सरकार ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर बड़ी कार्रवाई करते हुए संगठन पर 5 साल का प्रतिबंध लगा दिया। इसके सहयोगी संगठन रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन, नेशनल विमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पावर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन (केरल) को भी बैन किया गया है। बुधवार शाम मप्र सरकार ने भी नोटिफिकेशन जारी कर कलेक्टरों को कार्रवाई के विशेषाधिकार दे दिए। इसके बाद पीएफआई और उससे जुड़े संगठनों के दफ्तरों पर कार्रवाई तेज होगी। केंद्र ने माना है कि पीएफआई के आईएसआईएस जैसे आतंकी संगठनों के साथ संबंध हैं।

इंदौर से गिरफ्तार पांच कार्यकर्ताओं को भेजा जेल

मंगलवार को इंदौर से गिरफ्तार किए गए पीएफआई के 5 कार्यकर्ताओं को पुलिस ने बुधवार को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने सभी को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया है। चारों के खिलाफ पुलिस ने शांति भंग की आशंका के तहत कार्रवाई की है। पीएफआई के राज्य प्रमुख के दफ्तर के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

खरगोन में रामनवमी के दंगे के बाद ढऋक ने वसूला था " 55 लाख का चंदा : पुलिस

पीएफआई ने खरगोन में 10 अप्रैल को रामनवमी की शोभायात्रा के बाद हुए दंगे को लेकर एक समुदाय के लोगों को भड़काने की कोशिश की थी। इस संगठन ने दंगा प्रभावितों की मदद के नाम पर करीब 55 लाख रुपए का चंदा भी वसूला था। इंदौर में पुलिस की इंटेलिजेंस यूनिट के डीसीपी रजत सकलेचा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जांच में पता चला है कि खरगोन दंगे के बाद स्थानीय स्तर पर तेजी से हरकत में आए पीएफआई ने एक समुदाय के लोगों को भड़काने की कोशिश की थी। उन्होंने बताया कि इंदौर में इसकी गतिविधियों की शुरुआत 2008 से हुई थी, लेकिन 2020 के दौरान सीएए, एनआरसी और एनपीआर के खिलाफ शहर में हुए विरोध प्रदर्शनों की कमान संभालने के चलते यह संगठन अचानक चर्चा में आ गया था।