पहले इंडिया स्टैक डेवलपर्स सम्मेलन में शामिल होंगे विदेशी स्टार्टअप्स भी

पहले इंडिया स्टैक डेवलपर्स सम्मेलन में शामिल होंगे विदेशी स्टार्टअप्स भी

नई दिल्ली। इंडिया स्टैक डेवलपर्स का पहली बार सम्मेलन बुधवार को होने जा रहा है जिसमें देश-विदेश के स्टार्ट-अप्स और सिस्टम इंटीग्रेटर्स हिस्सा लेंगे। यह जानकारी केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने मंगलवार को दी। आईटी राज्यमंत्री ने बताया कि इंडिया स्टैक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की परिकल्पना है जिसे आज दुनिया के देश अपना रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिया स्टैक डेवलपर्स का यह पहला सालाना सम्मेलन है जिसका लक्ष्य संपूर्ण भारत के साथ-साथ पूरी दुनिया में इंडिया स्टैक का विस्तार करना है। राज्यमंत्री ने कहा कि यह सम्मेलन उद्योग और डेवलपर्स समूह को देश के भीतर एक मजबूत स्टार्टअप और नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने को लेकर चर्चा करने का एक मंच प्रदान करेगा।

रुपया 28 पैसे की गिरावट के साथ 81.70 प्रति डॉलर पर

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में मंगलवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया 28 पैसे की गिरावट के साथ 81.70 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। विदेशी संस्थागत निवेशकों की धन निकासी ये कारोबारी धारणा प्रभावित होने के कारण रुपये में यह गिरावट आई। कारोबारी सूत्रों ने कहा कि हालांकि डॉलर के कमजोर होने तथा कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने से रुपये की गिरावट पर कुछ अंकुश लग गया। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 81.61 पर कमजोर खुला। दिन के कारोबार के दौरान रुपए में 81.43 से 81.76 रुपये के दायरे में घट-बढ़ हुई। कारोबारी सत्र में रुपया 25 पैसे की गिरावट के साथ 81.42 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

हरित हाइड्रोजन में बनेंगे दुनिया का केंद्र रखा लक्ष्य

गुजरात का लक्ष्य अगले 10-12 साल में अनुमानित 80 लाख टन सालाना की क्षमता हासिल कर दुनिया का हरित हाइड्रोजन का केंद्र बनने का है। राज्य के उद्योग मंत्री बलवंतसिंह राजपूत ने बिजनेस 20 इंडिया की शुरूआती बैठक के तहत ह्यगुजरात जी20 कनेक्ट' पर पूर्ण सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही। एक ताकत के रूप में गुजरात देश की आर्थिक वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देगा। हमारा 2026-27 तक गुजरात को 500 अरब डॉलर का 2030-32 तक 1,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है। गुजरात का लक्ष्य विशेष रूप से दूरदर्शी नीतियों और वैश्विक एजेंडा के साथ नई पीढ़ी के लिए हरित उत्पादन प्रक्रियाओं पर ध्यान केंद्रित करने का है। अगले 10-12 वर्षों में लक्ष्य 80 लाख टन सालाना है।