इंडोर साइकिलिंग के जरिए कर रहे फंड रेजिंग 500 किमी तक चलाई लॉकडाउन में साइकिल

इंडोर साइकिलिंग के जरिए कर रहे फंड रेजिंग 500 किमी तक चलाई लॉकडाउन में साइकिल
इंडोर साइकिलिंग के जरिए कर रहे फंड रेजिंग 500 किमी तक चलाई लॉकडाउन में साइकिल
इंडोर साइकिलिंग के जरिए कर रहे फंड रेजिंग 500 किमी तक चलाई लॉकडाउन में साइकिल
इंडोर साइकिलिंग के जरिए कर रहे फंड रेजिंग 500 किमी तक चलाई लॉकडाउन में साइकिल

भोपाल । इंटरनेशनल बाइसिकल डे (3 जून) को मनाया जाता है। भोपाल के बाइसिकल राइडर्स से उनका साइकिलिंग शेड्यूल जानने की कोशिश की तो पता चला कि वे इसके जरिए फंड रेजिंग भी कर रहे हैं ताकि जरूरतमंदों को खाने-पीने की सामग्री मुहैया करा सके। अनलॉक होने के पहले ही दिन कुछ लोग होशंगाबाद तक साइकिलिंग कर आए। कोरोना के दौरान और कोरोना के बाद भी आम लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट और भीड़भाड़ से बचने के लिए साइकिलिंग को अपनाए इसके लिए कुछ देशों ने काम भी शुरू कर दिया है। क्या साइकिल कोविड19 रिकवरी की चुनौतियों का समाधान हो सकती हैं। संयुक्त राष्ट्र के यूरोपियन सदस्य देशों ने हाल में ही इस सवाल को और आगे ले जाने के लिए कमेटी बनाई है अब ब्रुसेल, मिलान, जिनेवा और लंदन में फ्लेक्सिबल बाइक लेन में इन्वेस्ट करने का फैसला लिया गया है।

 इंडोर साइकिलिंग से की जरूरतमंदों के लिए 30 हजार रुपए फंड रेजिंग

मेरे पास इंडोर साइकिलिंग सेटअप है, जिसमें अपनी साइकिल को फीट किया। साइकिल के पीछे सेंसर लगे होते हैं जो कि मोबाइल एप वाहू से कनेक्ट रहते हैं, जैसे-जैसे में साइकिलिंग करता हूं, स्पीड, किलोमीटर, घंटे डिस्प्ले पर आते जाते हैं, जिससे पता चल जाता है कि हर दिन कितनी साइकिलिंग की। पिछले एक हफ्ते में मैंने 400 किलोमीटर साइकिलिंग की और इससे कोरोना में मदद के लिए फंड रेजिंग की। मैंने अपना साइकिलिंग गोल और परपस फेसबुक पर शेयर किया। मैंने लिखा कि जरूतमंदों की मदद के लिए हर हμते 400 किलोमीटर साइकिलिंग कर रहा हूं, जो लोग इस प्रयास से प्रभावित हुए उन्होंने लगभग 30000 रुपए तक का डोनेशन दिया है, जिससे मैं मजदूरों और अन्य लोगों को भोजन उपलब्ध कराता हूं। -शचींद्र गौतम, बैंककर्मी 

फटनेस बाइक के जरिए घर पर रहते हुए चलाई 500 किमी साइकिल 

3 न्यू गोल्फर्स क्लब से जुड़ा हुआ हूं तो इस दौरान हमने एक-दूसरे को चैलेंज दिए। मैंने लॉकडाउन के दौरान अपनी फिटनेस बाइक से लगभग 500 किमी की साइकलिंग की क्योंकि मैं फंड रेजिंग अभियान से जुड़ा था, जिसे भोपाल से अशोक हिंदुस्तानी रन कर रहे हैं। इंडोर साइकिलिंग का डाटा रखने के लिए स्ट्रावा वर्ल्ड फेमस साइकिलिंग और रनिंग एप से अपनी स्पीड, टाइमिंग आदि को जाना। इंडोर साइकिलिंग चैलेंजिंग रही, क्योंकि जब बाहर साइकिलिंग करते हैं तो कुछ देर रोलिंग में भी साइकिल चलती है , लेकिन इंडोर साइकिलिंग में लगातार पैडल चलाने होते हैं। वहीं न तो बाहर का नजारा मिलता है और न ही ताजी हवा। इंडोर साइकिलिंग में कोई मोटिवेशन भी नहीं मिलता सिर्फ खुद को मोटिवेट करके आगे बढ़ते हैं। - जमरान हुसैन, सोशल वर्कर

 20 से 30 किमी हर दिन की इंडोर साइकिलिंग, अब आउटडोर भी करेंग

इम्युनिटी बूस्ट के लिए की इंडोर साइकिलिंग पिछले दो महीने में लॉकडाउन में कर रहा हूं। इस दौरान मैंने साइकिल चलाना नहीं छोड़ा। मैंने लॉकडाउन में इंडोर साइकिलिंग की और रोजाना 20 से 30 किमी चलाता रहा। साइकिल चलाने से इम्युनिटी बूस्ट तो होती ही है । साथ ही आपकी बॉडी को थकावट नहीं महसूस हुई। इस लॉकडाउन के दौरान मैंने एक बात नोटिस की वो थी पॉल्यूशन की कमी हुई है। मेरा प्लान है कि अब नेचर के बदलते रूप का को भी साइकिल के जरिए एन्जॉय किया जाएगा। उम्मीद है जिस तरह से नेचर का रिफ्रेश हुआ है अब ऐसे ही कायम रहेगा। इंटरनेशनल बाइसिकल डे पर प्लान किया है कि जो केरवा डैम के पीछे फॉरेस्ट वाला इलाका है वहां साइकिलिंग करने जाएंगे। - एसएन सिंह, सेक्रेटरी, ग्रीन प्लेनेट बाइसिकल ग्रुप

क्यों मनाया जाता है बाइसिकल डे 

संयुक्त राष्ट्र द्वारा पहला अधिकारिक विश्व साइकिल दिवस 3 जून 2018 को मनाया गया था। यह दिन परिवहन के एक सरल, किफायती, भरोसेमंद, स्वास्थ्य व स्वच्छता सहित पर्यावरणीय रूप से फिट टिकाऊ साधनों को प्रोत्साहित करने के लिए मनाया जाता है। इससे कार्बन फुट प्रिंट कम करने में सहायता मिलती है।

 अनलॉक होते ही 200 किमी साइकिल चलाकर होशंगाबाद गया 

इस लॉकडाउन के खुलने का सबसे ज्यादा वेट मैं कर रहा था। 1 जून को अनलॉक हुआ और मैंने सबसे पहले होशंगाबाद 200 किमी की साइकिल राइड की। यह इसलिए भी की गंगा दशहरा भी था और मैं नर्मदाजी में डुबकी लगाने गया था। साथ ही इस लॉकडाउन ने सिखा दिया है कि आपको फिट रहने के लिए अपने आप को साइकिल चलाकर फिट रखने के लिए बेस्ट होगा। साथ ही मैंने अपने ग्रुप के साथ इंटरनेशनल साइकिल डे के अवसर पर कठोतिया तक की साइकिल ट्रिप प्लान की है। साइकिल चलाते समय सोशल डिस्टेंसिंग तो अपने आप हो ही जाती है। ऐसे में हम सब लॉकडाउन खुलने को सेलिब्रेट करने के लिए सब अपने घर से टिफिन भी तैयार कर के लाएंगे। - डॉ. विशाल सिंह सेंगर, फिजिकल एजुकेशन डिपार्टमेंट हेड, बीएसएसएस