हार्ट अटैक से हुए डैमेज ठीक कर देगा पेप्टाइड्स से बना जेल

हार्ट अटैक से हुए डैमेज ठीक कर देगा पेप्टाइड्स से बना जेल

लंदन। वैज्ञानिकों ने एक ऐसा जेल बनाया है जो हार्ट अटैक के बाद क्षतिग्रस्त हुए टिश्यू को ठीक कर ह्दय में हुए डैमेज को दूर कर सकता है। मैनचेस्टर यूनिवर्सिटी एवं ब्रिटिश हार्ट फांउडेशन के रिसर्चर्स ने पाया है कि यह जेल हार्ट में सीधे सेल्स डिलीवर कर उसे दुरुस्त व स्वस्थ कर सकता है। यह जेल पेप्टाइडस कहे जाने वाले अमीनो एसिड से बना है, जोकि प्रोटीन्स निर्माण के लिए जरूरी होते हैं। इन अमीनो एसिड को ठोस अवस्था में रीअसेंबल कर फिर लिक्विड के तौर पर हार्ट में इंजेक्ट किया जा सकता है। हार्ट में पहुंचने के बाद ये ग्राμट की गई सेल्स को थामे रहते हैं। रिसर्चर्स ने जब इस जेल को स्वस्थ चूहों में इंजेक्ट किया तो यह उनके ह्दय में दो सप्ताह तक टिका रहा।

अटैक आने पर हार्ट को रिपेयर करने की क्षमता

अध्ययन की लीडर कैथरीन किंग ने कहा कि हालांकि यह प्रयोग अभी प्रारंभिक अवस्था में ही है लेकिन इस नई टेक्नोलॉजी में इतनी क्षमता है कि हार्ट अटैक आने की स्थिति में यह हार्ट को रिपेयर कर सकता है। रिसर्च के ये नतीजे ब्रिटिश कार्डियोवस्कुलर सोसायटी कॉन्फ्रेंस में प्रस्तुत किए गए हैं।

वर्षों से ढूंढी जा रही हार्ट में सेल भेजने की तरकीब

दुनियाभर के वैज्ञानिक पिछले कई वर्षों से कोई ऐसा तरीका ढूंढ रहे हैं, जिसके जरिए क्षतिग्रस्त हार्ट में नई सेल्स डाली जा सकें। ऐसा करके हार्ट को रिपेयर कर हार्ट फेल होने के जोखिम को कम किया जा सकता है। लेकिन पूर्व के अनुभव यह रहे हैं कि सेल्स को हार्ट में सीधे इंजेक्ट करने पर उनमें से सिर्फ एक प्रतिशत सेल्स ही अपनी जगह पर टिकी और जिंदा रह पाती हैं, जबकि वैज्ञानिकों द्वारा ढूंढी गई इस तकनीक ने इस दिशा में नई उम्मीद जगाई है।

μलोरोसेंट टैग ने दिए सफलता के संकेत

हालिया अध्ययन में रिसर्चर्स ने हृयूमन सेल्स को हार्ट की मसल्स सेल्स बनने के लिए प्रोग्राम किया। फिर इन सेल्स को जेल में मिलाकर एक डिश में तीन सप्ताह तक विकसित होने के लिए छोड़ दिया। यहां ये कोशिकाएं सहज तरीके धड़कने लगीं। यह सिद्ध करने के लिए कि यह टेक्नोलॉजी वास्तविक हार्ट में भी काम कर सकती है रिसर्चर्स ने जेल में μलोरोसेंट टैग लगाकर उसे स्वस्थ चूहों के हार्ट में इंजेक्ट किया। इस μलोरोसेंट टैग से खुलासा हुआ कि जेल हार्ट में दो सप्ताह मौजूद रहा।