77 लाख से बढ़कर 2030 तक 2.35 करोड़ होंगे गिग कर्मचारी

77 लाख से बढ़कर 2030 तक 2.35 करोड़ होंगे गिग कर्मचारी

  नई दिल्ली।  तय अवधि के लिए निश्चित भुगतान पर काम करने वाले ‘गिग’ कर्मचारियों की संख्या भारत में वर्ष 2029-30 तक बढ़कर 2.35 करोड़ हो जाने की उम्मीद है। नीति आयोग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार देश में 8 साल बाद 2.35 करोड़ गिग इकोनॉमी से जुड़ जाएंगे। इसका मतलब यह है कि वे आॅनलाइन घर बैठे काम कर अपना जीवन यापन कर सकेंगे। यह आबादी देश के कुल मानवबल का लगभग 4.1 प्रतिशत होगा। नीति आयोग की रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020-21 में गिग इकोनॉमी से तकरीबन 77 लाख लोग जुड़े हुए हैं। गिग इकोनॉमी और प्लेटफॉर्म पर नीति आयोग की यह रिपोर्ट सोमवार को जारी की गई है। नीति आयोग की इस रिपोर्ट में गिग इकोनॉमी से जुड़कर काम करने वाले कामगारों और उनके परिजनों की समाजिक सुरक्षा सुनिश्चित करने के सुझाव भी दिए गए हैं। नीति आयोग की यह रिपोर्ट सोमवार को आयोग के उपाध्यक्ष सुमन बेरी, सीईओ अमिताभ कांत और विशेष सचिव डॉ. के. राजेश्वर राव ने जारी की है। नीति आयोग ने कहा- गिग कर्मचारियों और परिवारों के लिए भी हो योजना :वर्तमान में 47 प्रतिशत गिग वर्कर मीडियम स्किल जॉब में हैं, जबकि 22 प्रतिशत हाई स्किल और 31 प्रतिशत लो स्किल जॉब में हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में गिग वर्कर्स और उनके परिजनों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी जुझाव दिये गए हैं।

गिग प्लेटफॉर्म की पहुंच स्ट्रीट फूड तक होगी

नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत के अनुसार गिग-प्लेटफॉर्म क्षेत्र की क्षमता का लाभ उठाने के लिए यह रिपोर्ट प्लेटफॉर्म कर्मियों के लिए विशेष रूप से डिजाइन किए गए उत्पादों के माध्यम से क्षेत्रीय और ग्रामीण व्यंजन, स्ट्रीट फूड आदि को बेचने के व्यवसाय में लगे व्यक्तियों को प्लेटफॉर्मों से जोड़ने की सिफारिश करती है, ताकि उन्हें अपने उत्पादों को कस्बों और शहरों में, बड़े बाजारों में बेचने के लिए सक्षम बनाया जा सके।

नीति आयोग ने कहा- गिग कर्मचारियों और परिवारों के लिए भी हो योजना

वर्तमान में 47% गिग वर्कर मीडियम स्किल जॉब में हैं, जबकि 22% हाई स्किल और 31% लो स्किल जॉब में हैं। नीति आयोग की रिपोर्ट में गिग वर्कर्स और उनके परिजनों को सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए भी जुझाव दिए गए हैं।

क्या है गिग वर्कर्स

नीति आयोग के अनुसार गिग वर्कर्स वे लोग होते हैं, जो परंपरागत कामगारों से अलग तरीके से काम करते हैं। वे एक आॅनलाइन प्लेटफॉर्म से जुड़कर अपनी स्किल के अनुसार घर बैठे काम कर सकते हैं। ज्यादातर गिग वर्कर अपेक्षाकृत युवा होते हैं।

वर्कफोर्स का 4.1 फीसदी होगा गिग इकोनॉमी से

अमिताभ कांत ने इंडियाज बूमिंग गिग एंड प्लेटफॉर्म इकोनॉमी रिपोर्ट जारी कर कहा कि साल 2029-30 तक भारत में गैर कृषि कार्यों से जुड़े कामगारों के 6.7% लोग गिग से जुड़ जाएंगे। यह देश के कुल वर्कफोर्स का लगभग 4.1 % होगा।

दो साल पहले 1.3 फीसदी वर्कफोर्स गिग से जुड़ा

रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 20-21 में देश में गिग इकोनॉमी से लगभग 77 लाख लोग जुड़े हुए थे। फिलहाल यह आंकड़ा गैर कृषि कार्यों से जुड़े कामगारों का लगभग 2.4 प्रतिशत, जबकि हमारे देश के कुल वर्कफोर्स का 1.3 प्रतिशत है।

  वर्तमान में कहां कितने गिग वर्कर्स कर रहे हैं काम
सेक्टर                                   गिग वर्कर्स
रिटेल, ट्रेड और सेल्स            26.6 लाख
ट्रांसर्पोटेशन                              13 लाख
निर्माण                                      6.3 लाख
बीमा और फाइनेंस                6.2 लाख
गैर कृषि कार्यों                        25 लाख