ग्लेशियर पिघले, नेपाल हटाएगा कैंप

ग्लेशियर पिघले, नेपाल हटाएगा कैंप

काठमांडू। नेपाल एवरेस्ट बेस कैंप को हटाने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि पिघलते ग्लेशियर और अत्यधिक मानव गतिविधियों ने इसे असुरक्षित बना दिया है। तेजी से पिघल रहे खुंबू ग्लेशियर पर यह कैंप लगाया जाता है, जिसका इस्तेमाल बसंत में चढ़ाई के मौसम में करीब 1500 लोग इस्तेमाल करते हैं। अब कैंप के लिए नई साइट तलाशी जा रही है जो नीचे होगी और जहां पूरे साल बर्फ नहीं होती है। शोधार्थियों का कहना है कि पिघला हुआ पानी ग्लेशियर को अस्थिर कर देता है और पर्वतारोहियों का कहना है कि उन्हें सोते वक्त ग्लेशियर में दरारें दिखाई देती हैं। यह कैंप वर्तमान में 5,364 मीटर की ऊंचाई पर लगे हैं। जो नई जगह देखी जा रही है वह 200 से 400 मीटर नीचे होगी। इसके लिए नेपाल सरकार ने एक समिति का गठन किया है जिसकी सिफारिश के आधार पर एवरेस्ट क्षेत्र में पर्वतारोहण की सुविधा और निगरानी पर ध्यान दिया जाएगा।

ये भी हैं कारण

????खाना बनाने और खुद को गर्म रखने पर्वतारोही केरोसिन व गैस जलाते हैं, जिससे ग्लेशियर पिघल रहे हैं।

????बेस कैंप में पर्वतारोही रोज करीब 4000 लीटर यूरिन करते हैं, जो कि एक खतरे का कारण है।

खुंबु ग्लेशियर पिघल रहा

वैज्ञानिकों ने पाया है कि हिमालय क्षेत्र के दूसरे ग्लेशियर की ही तरह खुंबु ग्लेशियर भी तेजी से पिघल कर पतला हो रहा है, जो ग्लोबल वार्मिंग की ओर इशारा करता है। 2018 में कुछ अहम विश्वविद्यालयों के शोधार्थियों ने एक अध्ययन किया, जिसमें पाया गया कि बेस कैंप के निकट का क्षेत्र 1 मीटर प्रति वर्ष की दर से पतला हो रहा है।

हर वक्त तबाही का है खतरा

शोधार्थियों का कहना है कि ज्यादातर ग्लेशियर चट्टानी मलबे से ढके रहते हैं, लेकिन कुछ क्षेत्र बर्फ से भरे हैं जिन्हें बर्फ की चट्टान कहा जाता है। इन चट्टानों के पिघलने से ग्लेशियर अस्थिर हो रहा है। जब बर्फ की चट्टानें पिघलती हैं, तो बड़े बड़े पत्थर और चट्टानों का मलबा जो बर्फ की चट्टानों के ऊपर होता है वह हिल कर गिरने लगता है, जिससे तबाही का डर है।

साल 2024 से शुरू काम, लगेंगे 3-4 साल

हम किसी दूसरी जगह जाने की तैयारी कर रहे हैं और जल्दी ही इस विषय पर परामर्श शुरू करेंगे। तमाम दिक्कतों के बावजूद वर्तमान बेस कैंप से तीन से चार साल तक काम चल सकता है। लेकिन 2024 से इसे हटाया जा सकता है। - तारानाथ अधिकारी, महानिदेशक, पर्यटन विभाग, नेपाल