भारत की बैडमिंटन में भी गोल्डन हैट्रिक, टेबल टेनिस में कमल स्वर्ण बन चमके

भारत की बैडमिंटन में भी गोल्डन हैट्रिक, टेबल टेनिस में कमल स्वर्ण बन चमके

बर्मिंघम। भारत की बैडमिंटन स्टार पुसरला वेंकट सिंधु और युवा सनसनी लक्ष्य सेन ने राष्ट्रमंडल खेल 2022 में सोमवार को अपनेअ पने फाइनल मैच जीतकर स्वर्ण पदक हासिल किए। सिंधु ने कनाडा की मिशेल ली को 2-0 से हराकर पहली बार महिला एकल का राष्ट्रमंडल स्वर्ण पदक अपने नाम किया। भारतीय शटलर ने ग्लासगो 2014 खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट मिशेल को 21-15, 21-13 से मात दी। रियो 2016 की सिल्वर मेडलिस्ट सिंधु जब कोर्ट में आयीं तो उनके बाएं पैर में बैंडेज बंधी हुई थी, लेकिन यह उनके खेल को जरा भी प्रभावित नहीं कर पाया। पहले गेम में उन्हें मिशेल की ओर से चुनौती मिली, लेकिन दूसरे गेम में कनाडाई खिलाड़ी की अप्रत्याशित गलतियों ने सिंधु के लिये जीता का रास्ता आसान कर दिया। दूसरी ओर, लक्ष्य ने पुरुष एकल मैच में मलेशिया के एनजी ट्जे योंग को 2-1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पहली बार राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा ले रहे 20 वर्षीय लक्ष्य ने पहला गेम हारने के बाद शानदार वापसी करते हुए योंग को 19-21, 21-9, 21-16 से मात दी। पहला गेम हारने के बावजूद लक्ष्य पर दबाव नहीं आया, और उन्होंने आक्रामक खेल दिखाते हुए अपना पहला राष्ट्रमंडल स्वर्ण जीता। इससे पहले लक्ष्य एशियाई जूनियर चैंपियनशिप 2018 में स्वर्ण जीता था। इसके अलावा वह थॉमस कप 2022 जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा भी थे।

सात्विक-चिराग की जोड़ी ने जीता गोल्ड

सात्विक साईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सोमवार को पुरुष डबल्स का गोल्ड मेडल जीता। फाइनल मुकाबले में सात्विक और चिराग ने इंग्लैंड के बेन लेन और सीन वेंडी की जोड़ी को 21-15, 21-13 से हराया। इसी के साथ सात्विक और चिराग कॉमनवेल्थ गेम्स के पुरुष डबल्स में गोल्ज जीतने वाले पहले खिलाड़ी भी बन गए।

टेबल टेनिस में कमल ने जीता गोल्ड, साथियान को कांस्य

भारत के अनुभवी टेबल टेनिस खिलाड़ी अचंता शरत कमल ने राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुष एकल स्पर्धा के फाइनल में सोमवार को यहां इंग्लैंड के लियाम पिचफोर्ड को 4 -1 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस स्पर्धा का कांस्य पदक साथियान गणानाशेखरन ने जीता। शानदार लय में चल रहे 40 साल के शरत ने उम्र को धता बताते हुए रैंकिंग में अपने से बेहतर खिलाड़ी के खिलाफ पहला गेम गंवाने के बाद वापसी करते हुए 11- 13, 11-7, 11-2, 11-6, 11- 8 से जीत दर्ज की। शरत की विश्व रैंकिंग 39वीं है जबकि पिचफोर्ड 20वें स्थान पर काबिज हैं। साथियान ने दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम में खेले गये इस रोमांचक मुकाबले को 11-9, 11-3, 11-5, 8-11, 9-11, 10-12, 11-9 से अपने नाम किया। पिछले दो राष्ट्रमंडल खेलों में साथियान का यह छठा पदक है। मौजूदा खेलों में यह उनका दूसरा पदक है। उन्होंने शरत कमल के साथ पुरुष युगल का रजत पदक जीता था।

हॉकी में नहीं टूटा आॅस्ट्रेलिया का तिलिस्म, भारत को रजत

राष्ट्रमंडल खेलों में आॅस्ट्रेलिया का वर्चस्व तोड़ने का भारत का सपना अधूरा ही रहा और एकतरफा फाइनल में विश्व चैंपियन टीम के हाथों 0.7 से शर्मनाक हार के बाद उसे रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। दिल्ली राष्ट्रमंडल खेल 2010 की कड़वीं यादें हॉकी प्रेमियों के जेहन में फिर ताजा हो गई, जब फाइनल में आॅस्ट्रेलियाई टीम ने भारत को 8.0 से हराया था। लीग चरण में अपराजेय और पूल में शीर्ष रहने वाली भारतीय टीम बिल्कुल फॉर्म में नहीं दिखी। फॉरवर्ड पंक्ति में तालमेल नहीं था और डिफेंस को आॅस्ट्रेलिया ने पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया। उस पर कप्तान मनप्रीत सिंह को कंधे में लगी चोट ने भारत का प्रदर्शन बुरी तरह प्रभावित किया। आॅस्ट्रेलिया के लिए ब्लैक गोवर्स, नाथन एफराम्स, जैकब एंडरसन, टॉम विकहैम और फिन ओजिलवी ने गोल दागे। राष्ट्रमंडल खेलों में 1998 में हॉकी को शामिल किए जाने के बाद से सभी सात स्वर्ण आॅस्ट्रेलिया ने जीते हैं। भारत ने 2010 में दिल्ली और 2014 में ग्लास्गो में रजत पदक ही जीता था।

राष्ट्रमंडल खेलों में 200 स्वर्ण पदक जीतने वाला चौथा देश बना भारत

बैडमिंटन महिला एकल के फाइनल में पीवी सिंधू की जीत के साथ ही भारत ने राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में सोमवार को अपना 200 वां स्वर्ण पदक हासिल किया। बर्मिंघम खेलों में भारत ने 22 स्वर्ण जीते, जिससे उसके कुल स्वर्ण पदकों की संख्या 203 हो गई। राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदकों में आॅस्ट्रेलिया 1003, इंग्लैंड 773 और कनाडा 510 मेडल जीत चुका है। राष्ट्रमंडल में भारत ने पहला स्वर्ण 1958 में महान फरार्टा धावक मिल्खा सिंह ने जीता था। भारत ने इसके बाद हर राष्ट्रमंडल खेलों (1962, 1986 में भाग नहीं लिया) में स्वर्ण पदक जीता है। दिल्ली में 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेल भारत ने 38 स्वर्ण पदक जीते थे।