सरकार को इस साल आर्थिक वृद्धि दर 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद: मोदी

सरकार को इस साल आर्थिक वृद्धि दर 7.5 फीसदी रहने की उम्मीद: मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को कहा कि सरकार को इस साल भारतीय अर्थव्यवस्था के 7.5 फीसदी की दर से बढ़ने की उम्मीद है। मोदी ने ब्रिक्स बिजनेस फोरम को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय डिजिटल अर्थव्यवस्था का आकार 2025 तक 1,000 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाएगा। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती पर प्रकाश डालते हुए कहा कि देश में राष्ट्रीय बुनियादी ढांचा पाइपलाइन के तहत 1500 अरब डॉलर के निवेश के अवसर हैं। मोदी ने अपने संबोधन में कहा, हम इस साल वृद्धि दर 7.5 प्रतिशत रहने की उम्मीद कर रहे हैं, जो हमें सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाएगी। उन्होंने कहा कि नए भारत में हर क्षेत्र में रूपांतरकारी बदलाव हो रहे हैं, और देश के आर्थिक सुधार का एक प्रमुख स्तंभ प्रौद्योगिकी आधारित वृद्धि है। प्रधानमंत्री ने कहा, हम हर क्षेत्र में नवाचार का समर्थन कर रहे हैं। ब्रिक्स बिजनेस फोरम का आयोजन पांच देशों के समूह के शिखर सम्मेलन से एक दिन पहले हुआ। ब्रिक्स दुनिया के पांच सबसे बड़े विकासशील देशों - ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका को एक मंच पर लाता है। इन देशों की कुल हिस्सेदारी वैश्विक आबादी में 41 फीसदी, वैश्विक जीडीपी में 24 फीसदी और वैश्विक व्यापार में 16 फीसदी है।

वाणिज्य भवन का उद्घाटन करेंगे पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार (23 जून) को सुबह 10:30 बजे राजधानी में वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के नए परिसर वाणिज्य भवन का उद्घाटन करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यक्रम के दौरान श्री मादी एक नया पोर्टल - निर्यात (व्यापार के वार्षिक विश्लेषण के लिए राष्ट्रीय आयात-निर्यात रिकॉर्ड) पेश करेंगे - जिसे भारत के विदेश व्यापार से संबंधित सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त करने के लिए हितधारकों के लिए वन स्टॉप प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया गया है। इस मौके पर प्रधानमंत्री सभा को संबोधित करेंगे। इंडिया गेट के पास निर्मित, वाणिज्य भवन को एक स्मार्ट इमारत के रूप में डिजाइन किया गया है जिसमें ऊर्जा की बचत पर विशेष ध्यान देने के साथ टिकाऊ वास्तुकला के सिद्धांत शामिल हैं। यह एक एकीकृत और आधुनिक कार्यालय परिसर के रूप में काम करेगा जिसका उपयोग मंत्रालय के तहत दो विभागों यानी वाणिज्य विभाग और उद्योग और आंतरिक व्यापा र संवर्धन विभाग द्वारा किया जाएगा।