लंपी संक्रमित गायों के शिकार से बाघ और तेंदुओं को भी खतरा

लंपी संक्रमित गायों के शिकार से बाघ और तेंदुओं को भी खतरा

जबलपुर। देश में लंपी वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, प्रदेश के मुखिया इसे कोरोना से लड़ी गई जंग की तरह से लड़ने के निर्देश जारी कर चुके हैं। इन्हीं खबरों के बीच वन्य जीवों में वायरस से संक्रमण के खतरे की आशंका ने जन्म ले लिया है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के दमना गांव में 19-20 सितंबर की दरमियानी रात बाघिन द्वारा मवेशियों का शिकार किया गया था, जिसे लेकर प्रशासन अलर्ट है। वन्य जीवों में लंपी संक्रमण को देखते हुए पीपुल्स समाचार ने डॉ. सीता प्रसाद तिवारी, कुलपति, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विवि से बात की। उन्होंने कहा कि हम ये नहीं कह सकते कि वन्य जीव संक्रमित पशु का शिकार करता है तो वह संक्रमित नहीं हो सकता, सतर्क रहना होगा।

बफर जोन सबसे संवेदनशील, सर्वे होना चाहिए

प्रदेश के सभी राष्ट्रीय उद्यानों के बफर जोन में हमेशा से गायों का शिकार वन्य जीव करते रहे हैं। इन घटनाओं के बाद सरकार ग्रामीणों को मुआवजा भी देती रही है। फिलहाल लंपी के प्रकोप से वन्य जीवों को बचाने के लिए बफर जोन में सर्वे होना अत्यंत जरूरी है।

पक्षियों और कुत्तों की भी चिंता करनी होगी

जंगलों, सड़कों, नदियों के पास बड़ी संख्या में मृत पशुओं को देखा जाता है। ऐसे में संक्रमित जानवर के पास पक्षियों के साथ स्थानीय कुत्ते भी देखे जाते हैं। गिद्ध और चील के साथ अन्य पक्षियों की सुरक्षा पर भी समय रहते ध्यान देने के लिए कदम उठाने होंगे।

जानवरों की लार से भी फैल सकता है वायरस

जानकारों का कहना है कि संक्रमित मवेशी की लार से चारे में व मल-मूत्र से भूमि पर संक्रमण फैल सकता है। वन्य जीव हिरन, चीतल, सांभर आदि इन मवेशियों के संपर्क में आ सकते हैं। वायरस वन्य जीवों में आया तो बाघ को भी खतरा पैदा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता।

पशु पालकों को लंपी पीड़ित गाय को क्वारेंटाइन करने सलाह दी है। वन्य जीव के संक्रमित गाय पर हमले की अभी पुष्टि नहीं हुई है। संक्रमित पशु के शिकार से वन्य जीव संक्रमित होगा या नहीं इस पर शोध चल रहा है। इसे नकारने जैसी बात भी नहीं की जा सकती। - डॉ. सीता प्रसाद तिवारी, कुलपति, नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विवि, जबलपुर

सभी प्रकार के प्रिकॉशन रखे जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देशित कर दिया गया है कि लंपी के मामलों पर नजर रखें। - जेएस चौहान, प्रधान मुख्य वन संरक्षक

अभी इस क्षेत्र में लंपी वायरस

के मामले नहीं आए हैं। लोगों को चेतावनी दे रखी है। बीमारी से निपटने की तैयारी कर ली है, ताकि वन्य जीवों में इसका खतरा न हो। - डॉ. अखिलेश मिश्रा, वन्य प्राणी विशेषज्ञ, पेंच टाइगर रिजर्व