पति चाहता था लड़की की तरह जीना साथ न छूटे इसलिए पत्नी भी बदल रही जेंडर

पति चाहता था लड़की की तरह जीना साथ न छूटे इसलिए पत्नी भी बदल रही जेंडर

 भोपाल।अकेले महिला या पुरुष द्वारा जेंडर चेंज कराने के मामले सामने आते रहे हैं, लेकिन राजधानी में एक ऐसा मामला आया है, जिसमें दंपति ने एक-दूसरे के लिए जेंडर चेंज कराने का निर्णय लिया है। डॉक्टरों के मुताबिक, यह प्रदेश ही नहीं, देश का भी अनोखा मामला है। मामला अरेरा कॉलोनी में रहने वाले एक परिवार का है। पेशे से व्यापारी का पुत्र रोहन (परिवर्तित नाम) जेंडर आइडेंटिटी डिसआॅर्डर या जेंडर डायसोफोरिया से पीड़ित था। यानी रोहन को लगता था कि वह पुरुष नहीं, बल्कि स्त्री है। 10 साल की उम्र के दौरान बेटे में लड़कियों जैसी आदतें देख शुरुआत में परिवार को लगा कि समय के साथ वह ठीक हो जाएगा। लेकिन जैसे-जैसे रोहन की उम्र बढ़ी, उसके हावभाव बदलने के साथ लड़कों के प्रति आकर्षण बढ़ने लगा। रोहन के परिजन लोकलाज के चलते डॉक्टर के पास नहीं गए। ऐसे में उन्हें रोहन की शादी कराए जाने की सलाह दी गई।

पत्नी को बताई सच्चाई

रोहन शादी के लिए तैयार नहीं था, लेकिन परिवार के दवाब के चलते वह राजी हो गया। शादी के बाद उसकी पत्नी गायत्री (परिवर्तित नाम) उसके व्यवहार को नहीं समझ सकी। कुछ महीनों बाद रोहन ने बताया कि वह लड़की बनना चाहता है। गायत्री राजी नहीं हुई और नौबत तलाक तक पहुंच गई। लेकिन, गायत्री रोहन को छोड़ना भी नहीं चाहती थी, इसलिए उसने भी पति की खातिर जेंडर बदलने का निर्णय लिया।

काउंसलिंग के लिए मिले डॉक्टर्स से

सहमति बनने के बाद दोनों मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से मिले। डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि महिला द्वारा पति की खुशी के लिए अपना जेंडर बदलने का यह पहला मामला है। बकौल डॉ. त्रिवेदी, मंैने गायत्री को ऐसा न करने की सलाह भी दी, लेकिन वह सिर्फ रोहन के साथ रहना चाहती थी।

पत्नी मानसिक रूप से तैयार नहीं

डॉ. त्रिवेदी ने बताया कि दोनों के लंबे मनोवैज्ञानिक काउंसलिंग सेंशस चले। उन्हें इस प्रक्रिया के दौरान आने वाली दिक्कतें, जेंडर चेंज होने के बाद जीवन में बदलाव, सामाजिक परेशानियों के बारे में बताया गया। उनके अनुसार, रोहन की काउंसलिंग अंतिम चरण में है। जल्द ही सर्जरी शुरू होगी। इस प्रक्रिया में दो से ढाई साल लगेंगे। गायत्री काउंसिलिंग के पहले चरण में है, क्योंकि वह मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार नहीं है।

जानें कैसे होती है पूरी प्रक्रिया

पुरुष से महिला बनने में 18 चरण और महिला से पुरुष बनने में 33 चरणों की प्रोसेस होती है। इसमें व्यक्ति के लिंग, चेहरे, बाल, नाखून, हार्मोंस, हाव-भाव बदल दिए जाते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक, महिला से पुरुष बनने के मुकाबले पुरुष से महिला बनना आसान है। पुरुष से महिला बनने के लिए उसके शरीर के अंगों से महिलाओं के अंग बना दिए जाते हैं।

यह हैं कानूनी प्रावधान

हाईकोर्ट के सीनियर एडवोकेट राजेश सक्सेना बताते हैं कि लिंग परिवर्तन को लेकर भारत के कानून में कोई प्रावधान नहीं है। किसी का भी लिंग परिवर्तन करना अनैतिक और गलत है। लिंग परिवर्तन करने पर उसी के तहत व्यक्ति को पहचान पत्र भी जारी हो जाते हैं, जिन्हें सरकार मान्यता देती है।