भोपाल में सरकारी अस्पतालों के आईसीयू फुल गंभीर मरीजों के लिए जगह नहीं

भोपाल में सरकारी अस्पतालों के आईसीयू फुल गंभीर मरीजों के लिए जगह नहीं

भोपाल । राजधानी में कोरोना के हर रोज बढ़ते मरीजों के चलते   स्थिति   बेकाबू होती जा रही है। स्थिति इतनी खराब है कि शहर के सरकारी अस्पतालों में कोरोना के गंभीर मरीजों को भर्ती करने के लिए आईसीयू बेड पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। शहर के सबसे बड़े हमीदिया अस्पताल में आलम यह है कि यहां कोरोना के क्रिटिकल मरीजों के लिए एक भी आईसीयू खाली नहीं है। इसके अलावा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भी कुछ ही आईसीयू बेड शेष बचे हैं, जबकि यहां वर्तमान में 22 आईसीयू बेड में मरीजों का इलाज चल रहा है। इसके अलावा चिरायु और बंसल अस्पताल में आईसीयू बेड की संख्या तो पर्याप्त है लेकिन यहां ज्यादातर एसिम्पटोमैटिक मरीजों का ही लिया जा रहा है, जबकि इन अस्पतालों में क्रिटीकल और मोडरेड मरीजों की संख्या काफी कम है।

 टीबी अस्पताल को 100 बिस्तरों का बना रहे सेंटर 

टीबी अस्पताल में फिलहाल 50 बिस्तरों का सेंटर बनाया गया है, लेकिन एक से दो दिन के भीतर ही इसे कुल मिलाकर 100 बिस्तरों को डेडिकेटेड कोविड हेल्थ सेंटर बनाया जाएगा। वहीं हमीदिया अस्पताल के नए ब्लॉक में भी 240 बेड तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि प्रशासन द्वारा कोरोना के कम लक्षण वाले मरीजों के लिए एलएन मेडिकल कॉलेज, पीपुल्स मेडिकल कॉलेज और आरकेडीएफ मेडिकल कॉलेज में भी मरीजों को भर्ती करवाना शुरू कर दिया है।

16 बेड का आईसीयू जेपी में तैयार, उद्घाटन का इंतजार 

भोपाल के जिला जयप्रकाश अस्पताल में 16 बेड का आईसीयू वार्ड बनकर तैयार हो गया है, यहां सभी इक्यूपमेंट और सामग्री रख ली गई है और बेड आना बाकी है। जेपी अस्पताल में लगभग तैयार हो चुके इस वार्ड को उद्घाटन का इंतजार है। वहीं 30 बेड का कोविड वार्ड भी बनकर तैयार हो चुका है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही है कि 15 अगस्त के बाद दोनों वार्ड शुरू हो सकते हंै। उल्लेखनीय है कि राजधानी में पिछले कुछ दिनों में कोरोना के बढ़ते आंकड़ों के चलते ये तैयारियां शुरू की गई हैं।