भारत की ‘ए’ टीम को छह बाजियों में नहीं मिली हार

भारत की ‘ए’ टीम को छह बाजियों में नहीं मिली हार

मामल्लापुरम। भारतीय टीमें अब तक 44वें शतरंज ओलंपियाड में अपना दबदबा बनाए हुए हैं, जिसमें छह दौर के बाद महिलाओं के वर्ग में ‘ए’ टीम तालिका में शीर्ष पर है, जबकि ओपन स्पर्धा में ‘बी’ टीम तीसरे नंबर पर है। टूर्नामेंट अब अंतिम पड़ाव में प्रवेश कर रहा है, जिसमें अब पांच दौर खेले जाने बाकी हैं। कोनेरू हंपी की अगुआई वाली भारत ‘ए’ को छह बाजियों में हार नहीं मिली है और अब शुक्रवार को टीम का सामना अजरबैजान से होगा। एक जीत टीम को बाकी अन्य टीमों से काफी आगे पहुंचा देगी। मेजबानों की दो अन्य टीमें अच्छी शुरुआत के बाद पिछड़ती दिख रही हैं, जिससे उन्हें वापसी करनी होगी। हंपी ने बुधवार को जॉर्जिया पर जीत के बाद कहा था कि उन्हें यूक्रेन जैसी टीमों के खिलाफ कई कड़े मुकाबले खेलने होंगे। विभिन्न चरण में अभी तक कोई ना कोई खिलाड़ी मौके पर बेहतर करके टीम को जीत दिलाता रहा है, जिसमें अनुभवी तानिया सचदेव और आर वैशाली शामिल हैं। ओलिंपियाड में पहले हाफ के प्रदर्शन को देखते हुए ‘हंपी एंड कंपनी’ से पदक की आस है, पर इसके लिए खिलाड़ियों का संयमित रहना और इसी प्रदर्शन को जारी रखना अहम होगा। ओपन वर्ग में भारत ‘बी’ टीम की पांच मैचों की जीत की लय बुधवार को छठे दौर में आर्मेनिया के खिलाफ टूट गई। पर टीम के फॉर्म में चल रहे डी गुकेश ने अपनी सभी छह बाजियां जीती हैं और आगामी दिनों में उनके ‘बी’ टीम की जिम्मेदारी उठाने की उम्मीद होगी। दूसरी रैंकिंग की भारत ‘ए’ टीम छठे स्थान पर है और टीम के खिलाड़ियों को देखते हुए उसके भी पदक की दौड़ में पहुंचने की उम्मीद है। सातवें दौर में भारत ‘ए’ की भिड़ंत भारत ‘सी’ से होगी, जिससे दिलचस्प मुकाबला देखने को मिलेगा। जबकि भारत ‘बी’ का सामना क्यूबा से होगा। महिलाओं के वर्ग में भारत ‘बी’ का सामना यूनान से जबकि भारत ‘सी’ की भिड़ंत स्विट्जरलैंड से होगी।