उद्योग और निकायों ने फंसा दिए 4 हजार करोड़

उद्योग और निकायों ने फंसा दिए 4 हजार करोड़

भोपाल। प्रदेश में बिजली बिलों का भुगतान करने में स्थानीय निकाय ही नहीं, सरकारी विभाग भी पीछे हैं। सरकारी विभागों ने एक हजार करोड़ रुपए रोक लिए हैं। जबकि प्राइवेट क्षेत्र में औद्योगिक कंपनियों से तीन हजार करोड़ रुपए लेने हैं। उधर, विद्युत विभाग की कमजोरियों का फायदा उठाते हुए कई उद्योगपति कोर्ट चले गए हैं। इन्होंने सरचार्ज और उपकर में लगाई जाने वाली राशि को लेकर याचिकाएं लगाई हैं। सरकार जहां एमएसएमई को कम रेट पर बिजली मुहैया कराने का दावा करती है, वहीं बडेÞ उद्योगों को भी बिजली उत्पादन, पावर प्लांट आदि लगाने में छूट देती हैं। नए उद्योग स्थापित करने पर तो भारी छूट दिए जाने का प्रावधान है, फिर भी उद्योगों पर सरकार का करोड़ों रुपए बकाया है। कई उद्योगपति हाईकोर्ट की शरण में जाने की तैयारी में हैं।