मप्र में बनेंगे कीटनाशक बैंक, यहां रखे जाएंगे पेस्टीसाइड्स

मप्र में बनेंगे कीटनाशक बैंक, यहां रखे जाएंगे पेस्टीसाइड्स

भोपाल। अब कीटनाशक दवाएं घर में नहीं, बल्कि बैंक में रखी जाएंगी। इनके खरीद-बिक्री से लेकर उपयोग पर भी सरकार की नजर रहेगी। दरअसल, आत्महत्या के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए प्रदेश में जल्द ही कीटनाशक बैंक खोले जाएंगे। लोगों को कीटनाशक घर में रखने के बजाय इन बैंकों में जमा करना होगा। दरअसल, मप्र सरकार कीटनाशक के लिए नीति तैयार करने जा रही है। सरकार का मकसद आत्महत्या के मामलों में कीटनाशकों के उपयोग को खत्म करना है। मालूम हो कि मप्र, देश का पहला राज्य होगा जहां आत्महत्या रोकथाम नीति के साथ कीटनाशक के उपयोग के लिए नीति तैयार की जाएगी। आवेग के दौरान पहुंच से दूर होें कीटनाशक:विशेषज्ञों के मुताबिक गुस्से या आवेग में व्यक्ति के दिमाग में न्यूरो ट्रांसमीटर सेरोटिन को असंतुलित कर देते हैं। इससे व्यक्ति में खुद या दूसरे को नुकसान पहुंचा सकता है। इसमें कीटनाशक का सेवन ज्यादा आम है। अक्सर यह आवेग क्षणिक होते हैं, अगर उस समय कीटनाशक पहुंच से दूर हो तो आत्महत्या को टाला जा सकता है।

यह हो सकता है नीति में

???? शेड्यूल एच की दवाओं की तरह ही कीटनाशक की बिक्री पर सरकारी नजर रहेगी

???? विक्रेता को कीटनाशक खरीदार की जानकारी रिकॉर्ड करनी होगी

???? विक्रेता को स्टॉक और बिक्री का हिसाब सरकार को देना होगा

???? खरीदार कीटनाशक को घर में रखने के बजाय बैंक में जमा करेगा

???? व्यक्ति को यह जानकारी देना होगी कि इसका उपयोग कब और कहां करेगा

आत्महत्या के एक चौथाई मामले कीटनाशक से...

शोध बताते हैं कि कीटनाशक तक लोगों की पहुंच कम कर दी जाए तो आत्महत्या के मामलों में 15 से 20 फीसदी की कमी लाई जा सकती है। एनसीआरबी के आंकड़े भी इस बात की तस्दीक करते हैं।

जल्द आएगी पॉलिसी

कीटनाशक जैसे विषैले पदार्थ एवं उनकी बिक्री और उपयोग के तरीकों को लेकर एक कानून बनाने की महती आवश्यकता है। इस पर गंभीर विमर्श हुआ है, जल्द ही यह पॉलिसी आपके सामने होगी। -डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी, सदस्य, सुसाइड प्रिवेंशन टास्क फोर्स

पूरे देश में पहली बार

हम आत्महत्या से जुड़े सारे कारणों का वैज्ञानिक शोध कर रहे हंै। मंथन से जो भी प्रामाणिक तथ्य सामने आएंगे, उस रणनीति को अपनाएंगे। हम इसके लिए कटिबद्ध हैं। पूरे देश में यह पहली बार हो रहा है। -विश्वास सारंग, चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री, मप्र