स्वामी प्रज्ञानंद की देह पहुंची कटंगी सुबह प्रज्ञाधाम में दी जाएगी समाधि

स्वामी प्रज्ञानंद की देह पहुंची कटंगी सुबह प्रज्ञाधाम में दी जाएगी समाधि

जबलपुर ।विश्व संत,प्रज्ञा मिशन के संस्थापक और महामंडलेश्वर स्वामी प्रज्ञानंद महाराज के गत दिवस दिल्ली आश्रम में हुए निधन के उपरांत उनके शरीर को दिल्ली से बाई रोड लाया गया है। रविवार को शाम 6 बजे उनका पार्थिव शरीर कटंगी स्थित प्रज्ञाधाम पहुंचा है। सुबह 7 से 9 बजे तक उनके अंतिम दर्शन श्रद्धालु कर सकेंगे,जिसके बाद उनका अभिषेक किया जाएगा और आश्रम में ही समाधिस्थ किया जाएगा। महाराजश्री के प्रज्ञा मिशन की उत्तराधिकारी साध्वी विभानंद गिरी ने बताया कि कोरोना संक्रमण के संकट को देखते हुए महाराजश्री के शिष्य अपने घरों से ही उन्हें श्रद्धांजलि दें। उन्होंने बताया कि स्वामी जी ने शनिवार को दैनिक चर्या के साथ सुबह नाश्ता व दोपहर को भोजन किया था और विश्राम में चले गए थे। विश्राम मे जाने के पहले उनसे दूरभाष पर चर्चा हुई थी तो उन्होंने कहा था कि भोजन करने की इच्छा नहीं हो रही है। इसलिए शाम को सूप लूंगा। शाम को जब सेवक उनके कक्ष में गया तो उनके शरीर में हरकत नहीं थी। बताया जा रहा है कि सोते समय उनको हृदयाघात हुआ है।

चौतरफा हैं शिष्य, छाया गहन शोक

स्वामी प्रज्ञानंद महाराज मृदु भाषी एवं विद्वान संत थे। उनके शिष्य देश वदेश में बहुतायत में हैं। जिसने भी उनके नि धन का समाचार सुना स्तब्ध रह गया है। वे विगत कई वर्षों से वर्ष में एक बार निश्चित तिथि में कटंगी में राजसूय यज्ञ का आयोजन करते आए हैं। उनका जन्म कटंगी में ही 3 सितंबर 1945 को हुआ था। उन्होंने भारतीय संस्कृति की पताका फहराई। मां रामबाई और पिता ठाकुर ढेलम सिंह के 4 पुत्र व 4 पुत्रियों में वे सबसे बड़े थे। प्रारंभ में शिक्षकीय कार्य करते हुए वे गायत्री परिवार के श्रीराम शर्मा से जुड़े। 30 वर्ष में सन्यास मार्ग में बढ़े और कई देशों की यात्राएं कीं। उन्होंने कटंगी स्थित अपने आश्रम में विश्व के सबसे बड़े पारदेश्वर शिवलिंग की स्थापना भी की है।