पिछले वर्ल्ड कप की उपविजेता टीम क्रोएशिया और मोरक्को का मैच ड्रॉ

पिछले वर्ल्ड कप की उपविजेता टीम क्रोएशिया और मोरक्को का मैच ड्रॉ

अल खोर। फीफा वर्ल्ड कप में बुधवार को पिछले वर्ल्ड कप की फाइनलिस्ट क्रोएशिया और मोरक्को के बीच खेला गया मुकाबला 0-0 से ड्रॉ रहा। पूरे मैच में क्रोएशिया ने ज्यादातर समय बॉल अपने कब्जे में रखी, लेकिन मोरक्को ने मैच में ज्यादा शॉट लगाए। ग्रुप-एफ का यह पहला ही मुकाबला था। मोरक्को ने बनाया दबाव मोरक्को ने क्रोएशिया के ऊपर दबाव बनाए रखा। पूरे मैच में उसकी ओर से गोल की ओर 8 शॉट मारे गए, जिसमें 2 टारगेट पर गए। लेकिन, क्रोएशिया के गोलकीपर ने इन्हे नेट के अंदर नहीं जाने दिया। मोरक्को के विंगर हकीम जियेच ने शानदार खेल दिखाते हुए क्रोएशिया पर दबाव बनाए रखा। उन्होंने गोल की तरफ 2 शॉट मारे। मोरक्को के गोलकीपर बोनो ने भी ड्रॉ में अहम भूमिक निभाई। उन्होंने मैच में बेहतरीन सेव किए और क्रोएशिया के प्लेयर्स को एक भी गोल नहीं करने दिया।

क्रोएशिया के पास ज्यादा समय तक बॉल

क्रोएशिया ने मैच में 65%समय बॉल अपने पास रखी। रियल मेड्रिड के स्टार प्लेयर और कोएशिया के कप्तान लुका मॉड्रिच ने मिडफील्ड को संभाले रखा। उन्होंने शानदार मौके बनाए, लेकिन टीम पेनाल्टी बॉक्स के अंदर फिनिश करने में नाकाम रही। खास बात यह है कि क्रोएशिया को एक भी येलो कार्ड नहीं मिला। उन्होने मोरक्को को एक भी कॉर्नर लेने का मौका नहीं दिया। इससे मोरक्को को गोल करने का चांस नहीं मिला।

स्पेन ने कोस्टा रिका को 7-0 से रौंदकर अभियान शुरू किया

दोहा। फेरान टोरेस के दो गोल की बदौलत स्पेन ने फीफा विश्व कप 2022 के ग्रुप ई के अपने पहले मैच में बुधवार को यहां कोस्टा रिका को एकतरफा मुकाबले में 7-0 से हराकर अपने अभियान की शुरुआत जीत के साथ की। कोस्टा रिका की टीम 2010 के चैंपियन स्पेन को पूरे मुकाबले के दौरान कोई टक्कर नहीं दे पाई और उसकी ओर से गोल करने का कोई विश्वसनीय मूव भी नहीं बना। यहां तक की कोस्टा रिका का कोई खिलाड़ी विरोधी टीम के गोल की ओर कोई शॉट तक नहीं मार पाया जबकि स्पेन की टीम ने गोल पर 17 शॉट मारे जिनमें से सात को गोल में तब्दील किया।

जापान ने पिछड़ने के बाद जर्मनी को दिया जोर का झटका

दोहा। स्थानापन्न खिलाड़ी रित्सु दोअन और ताकुमा असानो के गोल के दम पर जापान ने पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते हुए फुटबॉल विश्व कप मुकाबले में बुधवार को यहां एक और उलटफेर करते हुए 2-1 से जीत दर्ज की। इल्के गुंडोगन ने चार बार की चैंपियन टीम जर्मनी को पहले हाफ में पेनल्टी पर गोल कर बढ़त दिला दी थी। जापान ने हालांकि दूसरे हाफ में सात मिनट के अंदर दो गोल कर के यूरोप की मजबूत टीम को हतप्रभ कर दिया। मैच के 76वें मिनट में ताकुमी मिनामिनो की कीक से निकली गेंद को दिग्गज गोलकीपर मैनुएल नेउर ने रोक दिया, लेकिन जर्मर्नी की घरेलू लीग में टीम फ्रीबर्ग के लिए खेलने वाले दोअन पलटवार कर इसे गोल में बदल दिया और स्टेडियम में मौजूद जापान के दर्शक झूमने लगे। इसके बाद असानो ने 83वें मिनट में गेंद पर शानदार नियंत्रण कर बेहतरीन कोण बनाकर नेउर को छकाते हुए जापान को बढ़त दिला दी। असानो के इस गोल ने जर्मर्नी के खिलाड़ियों, कोच और स्टेडियम में मौजूद प्रशंसकों को सन्न कर दिया। दोनों टीमों के बीच यह पहला प्रतिस्पर्धी मुकाबला था। जर्मर्नी के खिलाड़ियों ने मैच से पूर्व तस्वीर खींचे जाने के दौरान अपने चेहरे ढक लिए जो मेजबान देश कतर में भेदभाव का विरोध करने के लिए आमर्बैंड (बांह पर पट्टी बांधना) पहनने की योजना पर फीफा के कड़े रुख की निंदा का तरीका है। जर्मर्नी की खेल मंत्री नैन्सी फेसर इस मुकाबले के लिए यहां के खलीफा इंटरनेशनल स्टेडियम में मौजूद थी।

पेले ने वेह को गोल करने पर बधाई दी

ब्राजील के महान फुटबॉलर पेले ने अमेरिका के फारवर्ड टिमोथी वेह को विश्वकप में वेल्स के खिलाफ गोल करने पर बधाई दी। वेह ने मैच में 36वें मिनट में गोल किया। इस तरह से वह वेल्स के खिलाफ विश्वकप में गोल करने वाले दूसरे खिलाड़ी बने। उनसे पहले पेले ने 1958 में वेल्स के खिलाफ गोल किया था। वेल्स ने इससे पहले आखिरी बार 1958 में विश्वकप में हिस्सा लिया। अमेरिका ने वेह के गोल की मदद से वेल्स के खिलाफ मैच 1-1 से ड्रॉ खेला। वेह ने गोल करने के बाद जश्न मनाने की अपनी तस्वीर इंस्टाग्राम पर पोस्ट की थी। पेले ने उनकी इस पोस्ट पर ही टिप्पणी की थी।