यूएस की नौकरी छोड़ वन्य जीवों को बचा रही अंकिता

यूएस की नौकरी छोड़ वन्य जीवों को बचा रही अंकिता

जबलपुर। किसी भी वन्य जीव या पालतू पशुओं को कष्ट हो तो सूचना मिलते ही तत्काल रेस्क्यू के लिए पहुंच जाती हूं। यह कहना है जान जोखिम में डालकर वन्य जीवों को जीवन देने वाली डुमना, जबलपुर निवासी अंकिता पांडे का। वह युवाओं को भी प्रशिक्षित कर रही हैं। अंकिता अमेरिका से 10 लाख रुपए सालाना के पैकेज को छोड़कर अपना सपना साकार कर रही है।

गिद्ध को बचाने टॉवर पर चढ़ गई

अंकिता ने बताया कि गत माह उन्होंने कुंए में गिरे जंगली सुअर को निकाला है। 5 दिन पहले मोबाइल टॉवर में मांझे में फंसे गिद्ध को बचाने वे 40 फीट ऊंचे टॉवर पर चढ़ गई और उसे सुरक्षित निकाला था।

ऐसे मिली प्रेरणा

अंकिता ने बताया कि करीब 10 वर्ष पहले गांव के कुछ लोगों ने 1 सांप और 1 गुहेरे की हत्या कर दी थी। तभी से जेहन में यह बात आई कि अब ऐसे जीवों की रक्षा करेंगी। 1 दशक में 5 हजार से अधिक दुर्लभ सांपों, गुहेरा व 2 हजार से अधिक वन्य जीवों व दुर्लभ प्रजाति के पक्षियों को बचा चुकी हैं। अंकिता यूएसए में माइंडलेंस साμटवेयर कंपनी में 3 साल रहीं, लेकिन मन में वन्य जीवों की रक्षा का जज्बा था। यहां लौटकर वन्य प्राणियों की रक्षा में लग गर्इं। पेशे से डॉक्टर संदेश तिवारी उनके मददगार बने हैं।