वर्कशॉप में सीखे मुखौटों को किया प्रदर्शित

वर्कशॉप में सीखे मुखौटों को किया प्रदर्शित

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मानव संग्रहालय में शैक्षणिक कार्यक्रम करो और सीखो के तहत आयोजित मुखौटा निर्माण की कार्यशाला का समापन हो गया। इस कार्यशाला में पंजीकृत प्रतिभागियों ने मिट्टी से अपने मनपसंद मुखौटे बनाए और संजय सप्रे के मार्गदर्शन में प्लास्टर आफ पेरिस में मोल्ड बनाना भी सीखे। संग्रहालय के निदेशक डॉ. प्रवीण कुमार मिश्र ने प्रतिभागियों को बताया कि,मुखौटे का मतलब एक ऐसा आवरण है, जिसे धारण करने से रूप बदल जाता है, व्यक्ति किसी और का प्रतिरूप बन जाता है। मुखौटे और उनके बहुत से रूप सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों का अहम माध्यम है। जिसके जरिए संस्कृतियां अपनी पहचान स्थापित व संवेदनाएं प्रकट करती हैं। यहां चल रही वर्कशॉप में बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक उत्साह से भाग ले रहे हैं।

1 जून से शुरू होगी μलॉवर रिलीफ वर्कशॉपा

संग्रहालय में 1से 10 जून तक आयोजित लॉवर रिलीफ कला पर पंजीकृत प्रतिभागीयों को प्रशिक्षण आवृति भवन में संजय सप्रे द्वारा दिया जाएगा। इस कार्यक्रम में 31 मई तक रजिस्ट्रेशन कराकर प्रशिक्षण प्राप्त कर सकते हैं।