हरियाली की चुनरी से लहलहाने लगे नर्मदा के कछार

हरियाली की चुनरी से लहलहाने लगे नर्मदा के कछार

जबलपुर। मां रेवा के तटों को हरा भरा कर उसके तटीय क्षेत्रों से मिट्टी के होने वाले कटाव को रोकने वाला अभियान नमामि देवी नर्मदे फलित होने लगा है। नर्मदा के किनारे जबलपुर और उससे लगे कई हिस्सों में नदी के पास के 300 मीटर के क्षेत्र में हरियाली दिखना शुरू हो चुकी है। 2017 में ‘नमामि देवी नर्मदे’ योजना के तहत जबलपुर सहित पूरे प्रदेश में नर्मदा के किनारे पौधों का रोपण बड़े स्तर पर किया गया था। इसके लिए जिले की सीमा में करीब 61 हजार हेक्टेयर भूमि सैटेलाइट और राजस्व नक्शे की मदद से चिन्हित भी हुई थी। नर्मदा के कछार में हरियाली आने में समय जरूर लगा, पर अब योजना के परिणाम दिखना शुरू हो चुके हैं।

हुआ था ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन :

इस अभियान में सबसे अधिक जोर जनभागीदारी पर दिया गया था। इसके तहत लोगों को स्थल तक पहुंचाने के लिए 800 से अधिक बसें और 250 से अधिक स्कूल बसों का भी उपयोग किया गया था। शहर में खुले थे 4 सेंटर : पौधरोपण करने नि:शुल्क पौधे तो दिए ही गए, जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए 4 सेंटर भी बनाए गए। पौधों की ब्रिकी करने एक सेंटर ग्वारीघाट रोड, दूसरा अंधमूक बायपास, तीसरा सिविक सेंटर और चौथा विजय नगर में खोला गया था।

एक नजर में

???? नदी के दोनों ओर 61 हजार हेक्टेयर भूमि में पौधरोपण हुआ।

???? नर्मदा, हिरन नदी, गौर, परियट नदी को भी इसमें शामिल किया गया।

काफी सुधार दिखने लगा है नर्मदा तटों के किनारे अभियान का काफी फायदा हुआ है। सुरक्षा के हिसाब से चौकीदार भी रखा गया है। काफी संख्या में पौधों को भी बचाया गया है। -अनुज सिंह, सीएमओ, भेड़ाघाट