दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, IED ब्लास्ट में DRG के 10 जवान शहीद

दंतेवाड़ा में नक्सली हमला, IED ब्लास्ट में DRG के 10 जवान शहीद

दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में बुधवार दोपहर को नक्सली हमले में 10 जवान शहीद हो गए। वहीं, एक नागरिक भी मारा गया है। बताया जा रहा है कि हमले में 50 किग्रा विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। विस्फोट इतना भयंकर था कि घटनास्थल पर 10 फीट गहरा गड्ढा हो गया। सभी जवान डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड (डीआरजी) के हैं। नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना पर जवान सर्चिंग के लिए निकले थे। इसी दौरान नक्सलियों ने आईईडी ब्लास्ट कर दिया। इसकी चपेट में जवानों का वाहन भी गया। इसमें 10 जवान शहीद हो गए। वाहन के ड्राइवर की भी मौत हो गई है। हमला दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर थाना क्षेत्र में अरनपुर-समेली के बीच हुआ। सूत्रों के अनुसार, यहां पुलिस और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ हुई। इसी दौरान नक्सलियों ने वाहन पर बम भी फेंका।

नक्सली शिविर किया था ध्वस्त

सुरक्षाबलों ने पांच दिन पहले सुकमा जिले में नक्सलियों का शिविर ध्वस्त कर दिया था। शिविर में करीब 25 से 30 की संख्या में नक्सली मौजूद थे। जवानों के आने की खबर मिलते ही सभी नक्सली भाग गए थे। मुठभेड़ में दो महिला नक्सली भी ढेर हुई थी।

10 साल में 500 जवान शहीद

छत्तीसगढ़ में पिछले 10 वर्षों में हमारे लगभग 500 जवान शहीद हो गए। ये आंकड़े वर्ष 2021 में लोकसभा में दी गई जानकारी के आधार पर है। सरकार ने बताया था कि 2011 से 2020 तक छत्तीसगढ़ में 3,700 से अधिक हमले हुए और इसमें 489 जवान शहीद हुए। इस दौरान सर्वाधिक हमले वर्ष 2015 में 466 हुए थे। इस हमले में 48 जवान शहीद हुए थे।

ये हुए शहीद

प्रधान आरक्षक जोगा सोढ़ी

मुन्ना राम कड़ती

संतोष तामो

लखमू मरकाम

नव आरक्षक दुल्गो मंडावी

नव आरक्षक जोगा कवासी

नव आरक्षक हरिराम मंडावी

राजू राम करटम

जयराम पोड़ियाम

जगदीश कवासी

धनीराम यादव (ड्राइवर)

छत्तीसगढ़ में पहले भी हुए हमले

11 मार्च, 2023, बस्तर में सीआरपीएफ के 12 जवान शहीद।

अप्रैल 2021 बीजापुर और सुकमा बॉर्डर पर 22 सुरक्षाकर्मी शहीद।

मार्च 2020, सुकमा में डीआरजी- एसटीएफ के 17 जवान शहीद।

मार्च-अप्रैल 2017, सुकमा-दंतेवाड़ा में सीआरपीएफ के 37 जवान शहीद ।

अप्रैल 2015, दंतेवाड़ा 4 जवान शहीद और 8 घायल हो गए थे।

12 अप्रैल 2014, बस्तर में 5 जवानों समेत 14 लोगों की मौत हो गई थी।

11 मार्च 2014, जीरम घाटी में 14 जवान शहीद हो गए थे।

25 मई 2013, जीरम घाटी कांग्रेस के शीर्ष नेताओं सहित 30 से ज्यादा मारे गए।