विरोध के बाद इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष की नवनियुक्ति हुई होल्ड

विरोध के बाद इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष की नवनियुक्ति हुई होल्ड

 इंदौर। विनय बाकलीवाल को हटाकर साढ़े तीन वर्ष बाद नवनियुक्त इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अरंिवद बागड़ी की नियुक्ति को महज कुछ घंटों के भीतर ही रोक लगा दी गई है। रविवार देर शाम कांग्रेस ने प्रदेश के 200 से ज्यादा पदाधिकारियों की घोषित सूची में बागड़ी को इंदौर शहर अध्यक्ष की कमान सौंप दी थी। अगले दिन सोमवार को बागड़ी कांग्रेस कार्यालय पहुंचे। यहां पहुंचकर उन्होंने कांग्रेस शहर अध्यक्ष का पदभार ग्रहण किया। इसके बाद स्थानीय कांग्रेस नेता संतोष वर्मा के साथ कांग्रेस कार्यालय गांधी भवन पहुंचे पार्टी के ही कार्यकर्ताओं ने बागड़ी के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंककर नियुक्ति के विरोध का बिगुल बजा दिया। माना जा रहा इसी से किरकिरी होते देख कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी जयप्रकाश अग्रवाल ने बागड़ी की नियुक्ति को स्थगित कर दिया। नियुक्ति स्थगित होने के बाद विनय बाकलीवाल पुन: शहर अध्यक्ष के पद पर काबिज हो गए है। सूत्रों ने दावा किया कि बागड़ी के विरोध में उतरे कांग्रेस के कार्यकर्ता बाकलीवाल के समर्थक है। कांग्रेस नेता शोभा ओझा के समर्थकों में शुमार बागड़ी पर प्रदर्शनकारी कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भूमाफिया, फूलछाप जैसे आरोप लगाए है।

पैराशूट से उतरे हैं बागड़ी - प्रदर्शनकारी

प्रदर्शन के अगुआ और कांग्रेस नेता संतोष वर्मा ने संवाददाताओं से पुतला फूंकने के बाद कहा कि हमारा विरोध जमीनी कार्यकर्ताओं की आवाज है। हम आलाकमान और वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं से कहना चाहते हैं कि भाजपा से नजदीकियां रखने वाले अरंिवद बागड़ी की नियुक्ति पार्टी के हित में नहीं है। वर्मा ने कहा कि कांग्रेस का लक्ष्य 2023 के विधानसभा चुनाव है, ऐसे में न तो बागड़ी के पास चुनाव प्रबंधन का अनुभव है। और न ही उन्हें अध्यक्ष बनाकर इंदौर लाने वाले कांग्रेस नेता पार्टी के लिए समर्पित हैं।

पार्टी मामले को देख रही है- गौतम

कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है। सभी को विरोध करने का अधिकार है। फिलहाल अरंिवद बागड़ी की नियुक्ति स्थगित कर दी गई है। मामले को पार्टी देख रही है। - संतोष गौतम प्रदेश प्रवक्ता, कांग्रेस

कांग्रेस में मची बंदरबाट सलूजा

कांग्रेस से हाल ही में भाजपा में शामिल हुए प्रदेश भाजपा प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने तंज कसते हुए कहा कि इन नई नियुक्तियों को लेकर विरोध केवल इंदौर में ही नहीं पूरे राज्य में है। उन्होंने कहा कि नियुक्तियों के बाद बंदरबाट सामने आनी ही थी।