अब एक कॉल पर गांव पहुंचेगी वेटरनरी मोबाइल यूनिट

अब एक कॉल पर गांव पहुंचेगी वेटरनरी मोबाइल यूनिट

भोपाल। अब किसानों को बीमार या दुर्घटना में घायल पशुओं को इलाज के लिए कई मील ढोकर पशु चिकित्सालयों तक नहीं ले जाना पडेÞगा, बल्कि अब किसानों के एक कॉल पर पशु चिकित्सालय ही उनके दरवाजे पर पहुंच जाएगा। जी हां, प्रदेश में दीपावली पर पशुओं के घर पहुंच इलाज के लिए राजधानी से लेकर छोटे-छोटे ब्लॉक स्तर तक मोबाइल यूनिट सेवा शुरू होने वाली है, जो पूरी तरह से नि:शुल्क होगी। इसके लिए मध्यप्रदेश को केंद्र सरकार वित्तीय मदद करेगी। इस योजना के तहत मेडिकल साजो सामान से लैस 406 वाहन खरीदने के लिए केंद्र वित्तीय मदद करेगा। एक मोबाइल यूनिट करीब 15 से 16 लाख रुपए की होगी, जिसकी खरीदी राज्य पशुपालन विभाग करेगा। इसके लिए लगभग 65 करोड़ रुपए से वाहन खरीदी के टेंडर निकाय चुनावों के बाद जारी होंगे। इसके साथ ही प्रत्येक पशु चिकित्सा वाहन में एक डॉक्टर सहित तीन लोगों का स्टाफ रहेगा, उनके वेतन का खर्च भी केंद्र ही वहन करेगा। वेटरनरी स्टाफ की तैनाती संविदा आधार पर की जाएगी। इसमें बडेÞ ब्लॉक में जहां दो से तीन पशु चिकित्सा वाहन होंगे, वहीं छोटे ब्लॉक में एक चिकित्सा वाहन होगा।

भोपाल में बनेगा कमांड सेंटर

डायल-100 की तर्ज पर पशु चिकित्सा वाहनों का कमांड सेंटर भोपाल स्थित पशु चिकित्सा संचालनालय में बनेगा। इसके लिए संभावित टोल फ्री नंबर 1962 रहेगा या दूसरा नंबर भी हो सकता है। कोई भी किसान या पशु पालक जैसे ही इस नंबर पर डायल करेगा, वैसे ही कमांड सेंटर में उसकी शिकायत दर्ज करके तत्काल ही उस ब्लॉक में तैनात मोबाइल यूनिट को रवाना कर दिया जाएगा।

ऐसी होंगी मोबाइल यूनिट

???? मेडिकल इक्यूपमेंट सहित वाहन

???? फ्रिज सहित दवाएं और टीके

???? एक वेटरनरी डॉक्टर

???? एक पैरावेट (सहायक)

???? गऊ सेवक सह ड्राइवर

सबको एक साथ आवंटित करेंगे

किसानों और पशुपालकों के लिए बहुत कारगर योजना है। इसके तहत मेडिकल वाहनों के लिए टेंडर हो रहे हैं, उम्मीद है कि एकदो महीने में प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। इसके बाद जैसे ही मोबाइल मेडिकल विहीकल मिलेंगे, वैसे ही भोपाल में आयोजन करके सारे ब्लॉकों के लिए रवाना कर दिए जाएंगे। - प्रेम सिंह पटेल, मंत्री, पशुपालन विभाग