प्रदेश के कलाकारों से छिनेगा देश के साथ विदेशी मंचों पर प्रस्तुति के अवसर

प्रदेश के कलाकारों से छिनेगा देश के साथ विदेशी मंचों पर प्रस्तुति के अवसर

प्रदेश के कोने-कोने से कलाकारों को राष्ट्रीय स्तर का मंच उपलब्ध कराने की भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद ( आईसीसीआर ) के भोपाल स्थित क्षेत्रीय कार्यालय पर 30 जून से ताले लग जाएंगे। आईसीसीआर के इस दतर पर ताले लगने की वजह क्या है इस विषय पर कोई भी खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। उल्लेखनीय है कि 10 साल से आईसीसीआर का यह दतर पिछले कई वर्षों से बाणगंगा चौराहा स्थित उस्ताद अलाउद्दीन खां संगीत एवं कला अकादमी के परिसर में संचालित था। आईसीसीआर के इस दतर के बंद हो जाने से स्थानीय कलाकार खासतौर से वे कलाकार जो विभिन्न अंचलों, दूर-दराज के इलाकों में निवास करते हैं और जिन्हें संस्कृति विभाग के आयोजनों में शिरकत का अवसर बहुत कम मिल पाता है। उन कलाकारों को मंच उपलब्ध करवाने का कार्य आईसीसीआर कर रहा था। यही नहीं आईसीसीआर के माध्यम से भोपाल ही नहीं प्रदेश के कई नामचीन कलाकारों को विदेशों में अपनी प्रस्तुतियां देने का अवसर मिला है। इसके माध्यम से पिछले 10 साल में प्रदेश से लगभग 100 कलाकारों ने विदेश में प्रस्तुति दी है।

अलग-अलग विधा के कलाकारों को मिला मौका

आईसीसीआर की शाखा भोपाल में 5 अप्रैल 2012 में शुरू हुई थी। भोपाल से ही मप्र और छत्तीसगढ़ दोनों स्टेट को संचालित किया जा रहा था। इसके माध्यम से अभी तक 250 से अधिक कलाकारों को मंच प्रदान किया गया। जिसमें गायन, वादन, नृत्य विधा के कलाकारों को प्रदेश के साथ ही देश और विदेश में एक अलग पहचान दिलाई है।

आठ कर्मचारी हो रहे बेरोजगार

आईसीसीआर भोपाल के दतर बंद होने से 8 कर्मचारी को बेरोजगार हो रहे है, जो कि पिछले 10 सालों से आईसीसीआर में संविदा पर काम रहे थे।

प्रदेशभर के कलाकारों को दिया मंच

आइसीसीआर द्वारा हर माह एक प्रस्तुति दी जाती थी, जिसके नए कलाकारों को मौका मिलता था। साल भर में 12 से अधिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाती थी। अभी तक 150 से अधिक प्रस्तुति कर चुका है। इसके अलावा विदेशों में भी कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने को मौका मिलता आ रहा था, जो कि अब बंद हो जाएगा।