श्रीलंका में उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश

श्रीलंका में उपद्रवियों को गोली मारने के आदेश

कोलंबो। श्रीलंका में हालात बिगड़ते नजर आ रहे हैं। इसके चलते श्रीलंका में लागू कμर्यू को 12 मई की सुबह 7 बजे तक के लिए बढ़ा दिया गया है। वहीं सड़कों पर जारी हिंसक प्रदर्शन को दबाने रक्षा मंत्रालय ने मंगलवार को शूट एट साइट (देखते ही गोली मार देना) का आदेश जारी किया है। हिंसा में सांसद समेत अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 250 से ज्यादा लोग घायल हैं। विदित है कि श्रीलंका में महिंदा राजपक्षे ने सोमवार प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद उनके समर्थक और प्रदर्शनकारी आपस में भिड़ गए, जिसके चलते देशभर में हिंसा और आगजनी की घटनाएं हो रही हैं। वहीं हिंसा के बाद महिंदा राजपक्षे ने अपनी पत्नी व परिवार के साथ आधिकारिक निवास-टेंपल ट्रीज- छोड़ दिया और श्रीलंका के पूर्वोत्तर तट पर स्थित बंदरगाह शहर ट्रिंकोमाली के नेवी बेस पर शरण ली है।

अब राष्ट्रपति को हटाने की मांग पर अड़े उपद्रवी

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि राजपक्षे सरकार भ्रष्ट है और श्रीलंका में महंगाई, बेरोजगारी और भुखमरी के लिए राजपक्षे ब्रदर्स की गलत नीतियां जिम्मेदार हैं। प्रधानमंत्री के इस्तीफे के बाद उनकी मांग है कि राजपक्षे के बाद उनके भाई गोटबाया राजपक्षे भी राष्ट्रपति पद से इस्तीफा दें।

लोगों से न लें बदला, हिंसा रोक दें: राष्ट्रपति

राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे ने उपद्रवियों से अपील कि वे चाहे जिस भी पार्टी के हों, लेकिन शांत रहें और हिंसा रोक दें। नागरिकों के खिलाफ बदले की कार्रवाई न करें। उन्होंने कहा कि संवैधानिक जनादेश और आम सहमति से आर्थिक संकट को दूर करने के लिए सभी प्रयास किए जाएंगे।

बेटे का दावा- देश से नहीं भागेंगे पिता महिंदा

इस बीच महिंदा राजपक्षे के बेटे नमल ने कहा कि यह सिर्फ अफवाहें हैं कि मेरे पिता महिंदा राजपक्षे देश छोड़कर भागने वाले हैं। उन्होंने कहा कि हम ऐसा नहीं करेंगे। खेल मंत्री रहे नमल ने कहा, मेरे पिता सुरक्षित हैं, वह सुरक्षित स्थान पर हैं और परिवार से बात कर रहे हैं।