पंचायत चुनाव: निष्ठा न बदलने के लिए गंगाजल की शपथ भी!

पंचायत चुनाव: निष्ठा न बदलने के लिए गंगाजल की शपथ भी!

भोपाल। पार्टी के सिम्बल बिना होने वाले पंचायत चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा और कांग्रेस जिताऊ चेहरों पर दांव लगाने के लिए इस बार अनूठे तौर-तरीके आजमा रही हैं। पार्टियां जिला पंचायत और जनपद सदस्य के मामलों में चिह्नित व्यक्ति से वादा लेने और पक्की डील करने में जुटी हैं कि चुनाव जीतने के बाद कोई टूटने की न सोचे। निष्ठा न बदलने की शपथ और गंगाजल की कसम दिलाने की चर्चा भी है, जिससे पार्टी आश्वस्त होकर पर्दे के पीछे से प्रत्याशी जिताने में जुटी रहे। कांग्रेस तो निर्धारित शपथ पत्र भरवा रही है। दोनों ही पार्टियां 27% ओबीसी को समर्थन दे रही हैं। मैदानी चुनाव प्रबंधन और स्थानीय स्तर पर बैठकों के दौर चल रहे हैं। प्रभारियों का ऐलान भी हो चुका है। संचालन समितियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि स्थानीय नेतृत्व से चर्चा के बाद ही कोई फैसला करें।

मंथन के बाद आएंगे नाम

भाजपा के जिलाध्यक्ष, जिला - संभाग प्रभारी और जनप्रतिनिधियों से समन्वय के आधार पर जिला-जनपद सदस्यों के संभावित प्रत्याशियों का चयन होगा। इसमें संगठन क्या चाहता है यह बात सर्वोपरि रहेगी। व्यक्ति का नाम तय होने के बाद स्थानीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उसके लिए पंचायतों में जाकर मान- मनौवल भी करेंगे। यह सतर्कता भी रखी जाएगी कि एक से ज्यादा लोग मैदान में न उतरें, क्योंकि इससे वोट बंटने की आशंका रहेगी।

नतीजों के बाद का प्रबंधन

चुनाव नतीजों के बाद वाले प्रबंधन पर ज्यादा जोर है। जोर-जबरदस्ती और भय-प्रलोभन का खेल खुलकर न हो, इसके इंतजाम हो रहे हैं। जनपदजि ला पंचायत सदस्य के चुनाव में जिन लोगों पर भाजपा अपना दांव लगाएगी उनसे पहले ही शपथ ले ली जाएगी कि जीतने के बाद वे अडिग रहेंगे। भय- प्रलोभन में आकर निष्ठा नहीं बदलेंगे। इसके लिए स्थानीय स्तर पर हाथ में गंगाजल लेकर कसम दिलाने की बात भी शामिल है। डील पक्की होने के बाद पार्टी के स्थानीय नेता उन्हें चुनाव जिताने के अभियान में जुटेंगे।

कांग्रेस भी पीछे नहीं

उधर कांग्रेस भी डाल-डाल, पात- पात की तर्ज पर पूरी सतर्कता के साथ अपने पत्ते खोल रही है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि पार्टी के सदस्यता फार्म में ही शपथ पत्र का फार्मेट भी भरवाते हैं। जिसमें पार्टी की विचारधारा के प्रति समर्पित रहने और सार्वजनिक स्थल पर मदिरापान न करने का वायदा भी है। दोनों ही दल चुनाव के पहले से ही संभावित लोगों को चिह्नित करने में जुट गए हैं।

कमेटियां करेंगी सर्वे, बनाएंगे पैनल

गैर दलीय आधार पर होने वाले पंचायत चुनाव के लिए हमारी कमेटियां सर्वे करेंगी। ओबीसी के मामले में 27 फीसदी आरक्षण और स्थानीय स्तर पर संभावित दावेदारों का पैनल बनाएंगे। सदस्यता के साथ ही विशेष फार्मेट में पार्टी शपथ पत्र भी लेती है। - भूपेंद्र गुप्ता, प्रवक्ता, मप्र कांग्रेस