ट्रेन चलाने वाली प्राइवेट कंपनियां तय करेंगी अपना किराया       

ट्रेन चलाने वाली प्राइवेट कंपनियां तय करेंगी अपना किराया       

नई दिल्ली। प्राइवेट ट्रेन चलानेवाली कंपनियां अपनी मर्जी से किराया तय कर सकेंगी।  कंपनियां भारतीय रेलवे के नेटवर्क पर ट्रेन चलाएंगी लकिन रेलवे ने यह प्राइवेट कंपनियों पर छोड़ा है कि वह ट्रेन का किराया तय करें। इसके अलावा रेवेन्यू जेनरेट करने के लिए वे अलग-अलग तरह के विकल्पों के बारे में विचार करने और फैसला करने में स्वतंत्र होंगे।

कुछ ही समय में आने वाली प्राइवेट ट्रेनों की किराया वर्तमान ट्रेनों के किराये से काफी ज्यादा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि इन ट्रेनों में किराया फिक्स करने का नियम नहीं है। साथ ही इन ट्रेनों की कंपनियां अपनी वेबसाइट पर टिकट बेच सकेंगी। 

109 रूटों पर 151 मॉडर्न प्राइवेट ट्रेनें चलाई जाएंगी
रेलवे ने प्राइवेट सेक्टर की मदद से चलाई जाने वाले ट्रेनों के लिए टाइमलाइन तय कर दी है। इसके मुताबिक, 2023 में प्राइवेट ट्रेनों का पहला सेट आएगा। इसमें 12 ट्रेनें होंगी। रेलवे के मुताबिक, सभी 151 ट्रेनों को 2027 तक पेश कर दिया जाएगा। बता दें कि रेलवे ने पहली बार देश भर में 109 रूटों पर 151 मॉडर्न प्राइवेट ट्रेनें चलाने को लेकर निजी कंपनियों से प्रस्ताव आमंत्रित किये हैं। इस परियोजना में निजी क्षेत्र से करीब 30,000 करोड़ रुपए का निवेश अनुमानित है।